मौलाना जर्जिस का हिंदू धर्म पर विवादित बयान, भगवान श्रीकृष्ण और पूजा पद्धति पर की आपत्तिजनक टिप्पणी उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 72
उत्तर प्रदेश के मौलाना जर्जिस ने हिंदू धर्म को लेकर एक भड़काऊ और विवादित बयान दिया है, जिस पर अयोध्या के संतों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले मौलाना जर्जिस का एक भड़काऊ और बेहद विवादित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मौलाना जर्जिस ने हिंदू धर्म और उनके आराध्य देवों पर टिप्पणी करते हुए दावा किया है कि भगवान श्रीकृष्ण भी दिन में 5 वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। अपने इस अजीबोगरीब दावे को सही साबित करने के लिए मौलाना ने पवित्र धार्मिक ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का सहारा लिया और उसकी मनमानी तथा गलत व्याख्या पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौलाना जर्जिस का यह वीडियो झारखंड में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके द्वारा दी गई तकरीर का है, जो कि बीते 23 जून का बताया जा रहा है। इस बयान के सामने आने के बाद हिंदू समाज और संतों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक की गलत व्याख्या और कुतर्क

झारखंड में अपनी तकरीर के दौरान मौलाना जर्जिस ने हिंदू धर्म के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि उनके भाई बुरा न मानें, तो श्रीकृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। अपने इस कुतर्क को पुख्ता करने के लिए उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें मंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने श्लोक पढ़ते हुए कहा, 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः। एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः'। मौलाना ने इस श्लोक की व्याख्या करते हुए दावा किया कि इसमें भगवान श्रीकृष्ण अपने परम सखा अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, जब तुम ईश्वर की आराधना या पूजा करो, तो अपने पूरे शरीर का योग करो।

पूजा के तरीकों पर सवाल और मुख्यमंत्री पर निशाना

मौलाना जर्जिस यहीं नहीं रुके, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि यहाँ 'योगी' शब्द का मतलब उत्तर प्रदेश वाले मुख्यमंत्री से नहीं है। उन्होंने कहा कि 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं...' का वास्तविक अर्थ है कि मनुष्य को अपने पूरे शरीर के साथ योग करना चाहिए। मौलाना ने हिंदुओं की पूजा पद्धति का मजाक उड़ाते हुए कहा कि आज के समय में हिंदू धर्म के लोग सिर्फ हाथ उठाकर 'ओम नमः शिवाय' कह देते हैं और सोचते हैं कि उनकी पूजा पूरी हो गई। उन्होंने आगे कहा कि यदि ये हिंदू और मुस्लिम अपनी पवित्र किताबों को अच्छी तरह से पढ़ लें, और जो योगी आज भगवान राम के बड़े भक्त बनते हैं, वे अगर अपने धर्मग्रंथों का सही अध्ययन कर लें, तो वे निश्चित रूप से इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे।

भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर किया विवादित दावा

अपनी तकरीर के दौरान मौलाना जर्जिस ने इस्लाम धर्म को लेकर एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम केवल मुसलमानों का ही धर्म नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों का धर्म है जो इस धरती पर आए हैं। मौलाना ने तर्क दिया कि इसी दीन और इसी धर्म को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र जी ने भी दुनिया के सामने पेश किया था और भगवान श्रीकृष्ण जी ने भी इसी मार्ग को दिखाया था। इसलिए इस्लाम पर सिर्फ मुसलमानों का एकाधिकार नहीं है।

तीखी प्रतिक्रिया: जीभ काटने पर 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा

मौलाना जर्जिस के इस बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान के सामने आने के बाद हिंदू धर्माचार्यों और संतों में गहरा रोष व्याप्त हो गया है। अयोध्या के प्रसिद्ध महंत विष्णु दास ने इस बयान पर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। महंत विष्णु दास ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि जो कोई भी मौलाना जर्जिस की जीभ काटकर लाएगा, उसे उनकी तरफ से 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। आपको बता दें कि मौलाना जर्जिस से पहले भी कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने विवादित टिप्पणियां की हैं। कुछ समय पहले ही मौलाना अरशद मदनी ने भी अयोध्या को लेकर एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज अयोध्या कोई नहीं आता-जाता है और अदालत ने भी अयोध्या पर अपना फैसला आस्था के आधार पर ही सुनाया था।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप