मुजफ्फरपुर में एटीएम कार्ड बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 69 एटीएम कार्ड के साथ मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार बिहार एक दिन पहले 8
बिहार के मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एटीएम के पास मदद करने के बहाने ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से विभिन्न बैंकों के 69 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अहियापुर थाने की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह के मुख्य सरगना सन्नी बाबा उर्फ ऋशु को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से विभिन्न बैंकों के 69 एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से औराई थाना क्षेत्र के बसुआ गांव का निवासी है, जो अहियापुर इलाके में किराये के मकान में रहकर इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस शातिर गिरोह ने मुजफ्फरपुर और उसके आस-पास के कई जिलों में 100 से ज्यादा ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

नगर SDPO विनीता सिन्हा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस प्रशासन को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि अहियापुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में एक शातिर गिरोह सक्रिय है, जो भोले-भाले एटीएम उपभोक्ताओं को निशाना बना रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरपुर के SSP के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम ने लगातार संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की। इसी बीच पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि गिरोह का मास्टरमाइंड बड़ा जगन्नाथ क्षेत्र में स्थित इंदिरा नर्सिंग होम के पीछे एक किराये के मकान में छुपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त ठिकाने पर छापेमारी की और वहां से मुख्य आरोपी सन्नी बाबा उर्फ ऋषव को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान कमरे से अलग-अलग बैंकों के कुल 69 एटीएम कार्ड जब्त किए गए।

ठगी का अनोखा तरीका: ऐसे बनाते थे शिकार

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जिस तरह से ठगी करने के तरीके का खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। इस गिरोह के सदस्य बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करते थे:

  • गिरोह के कुछ सदस्य पहले से ही किसी व्यस्त एटीएम बूथ के पास या उसके अंदर सक्रिय रहते थे।
  • जैसे ही कोई सीधा-साधा ग्राहक पैसे निकालने के लिए एटीएम में प्रवेश करता, ये शातिर भी मदद के बहाने उसके करीब पहुंच जाते थे।
  • इसके बाद ये लोग एटीएम मशीन में कोई तकनीक या जुगाड़ लगाकर ग्राहक के कार्ड को मशीन के अंदर ही फंसा देते थे।
  • जब कार्ड फंस जाता, तो आरोपी ग्राहक को भ्रमित करने के लिए वहां मौजूद असली कस्टमर केयर नंबर के स्थान पर अपना मोबाइल नंबर चिपका देते थे।
  • घबराया हुआ ग्राहक जब उस नंबर पर कॉल करता, तो गिरोह का ही कोई सदस्य खुद को बैंक का अधिकारी बताकर बात करता और विश्वास दिलाता कि एटीएम कार्ड बाद में सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।
  • जैसे ही ग्राहक आश्वस्त होकर वहां से रवाना होता, ये अपराधी मशीन से असली कार्ड बाहर निकाल लेते थे।
  • इसके बाद वे क्लोन कार्ड की सहायता से पीड़ित के बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर देते थे।

गिरोह में शामिल हैं कई अन्य सदस्य

SDPO विनीता सिन्हा ने बताया कि इस पूरे गिरोह में करीब 10 से 15 सक्रिय लोग शामिल हैं। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान करने और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हुई है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। जांच अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह का जाल केवल मुजफ्फरपुर तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इन्होंने पड़ोसी जिलों में भी बड़े पैमाने पर लोगों को अपनी धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। पुलिस अब बरामद किए गए सभी 69 एटीएम कार्डों की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन कार्डों के जरिए किन-किन खाताधारकों के साथ ठगी की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मास्टरमाइंड सन्नी बाबा से आगे की पूछताछ में इस गिरोह के कई अन्य बड़े नेटवर्क और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों का खुलासा हो सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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