हिमाचल प्रदेश
2 घंटे पहले
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विचारों
कंगना रनौत के बयान पर मचा घमासान
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर आए दिन सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में उन्होंने जेन-जी महिलाओं को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में विरोध के सुर तेज हो गए हैं। मंडी कांग्रेस की जिला अध्यक्षा चंपा ठाकुर ने इस मुद्दे पर कंगना रनौत पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है। चंपा ठाकुर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कंगना रनौत की भाषा शैली देवभूमि हिमाचल की परंपराओं के अनुरूप बिल्कुल नहीं है।
मुंबई और दिल्ली ने बिगाड़ा संतुलन
चंपा ठाकुर का आरोप है कि मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में लंबे समय तक रहने के कारण कंगना रनौत का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। उन्होंने कहा कि इसी कारण वे लगातार अनाप-शनाप बयानबाजी कर रही हैं। कांग्रेस नेत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि अपनी अभद्र भाषा के कारण देवभूमि को शर्मसार करने वाली सांसद को वे हिमाचल की बेटी कहलाने के भी योग्य नहीं मानती हैं। उन्होंने कंगना को नसीहत दी कि उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए, क्योंकि पूर्व में भी उन्हें अपनी इसी तरह की टिप्पणियों के लिए काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
नीट आंदोलन पर दिया था विवादित बयान
गौर करने वाली बात यह है कि कंगना रनौत ने दिल्ली में नीट आंदोलन के संदर्भ में एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने हिंदू युवतियों को 'गटर जेनरेशन' करार देते हुए दावा किया था कि उन्हें जमीनी हकीकत की कोई जानकारी नहीं है। कंगना के इस बयान के बाद से ही आम जनता और विभिन्न संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और कई लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उन पर पलटवार कर रहे हैं।
कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की तैयारी
चंपा ठाकुर ने इस विवाद के इतर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने मंडी जिले में ब्लॉक स्तर पर अपनी कार्यकारिणियों का पुनर्गठन कर लिया है। मंडी जिले में लगभग 150 पदाधिकारियों को पार्टी को धरातल पर मजबूत करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। चंपा ने स्पष्ट किया कि इन सभी पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर पार्टी की पैनी नजर रहेगी। हर 3 महीने के अंतराल पर इन पदाधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि किसी पदाधिकारी का काम संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उसे पद से हटाने का निर्णय भी लिया जा सकता है। चंपा ठाकुर का मानना है कि इन नियुक्तियों से न केवल संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं को कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना और अधिक सुगम हो जाएगा।
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