मध्य प्रदेश: विवाहेतर संबंधों के शक में महिला और पुरुष को रस्सियों से बांधकर गांव में घुमाया, तीन लोगों पर मामला दर्ज मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 2
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां विवाहेतर संबंधों के संदेह में एक महिला और पुरुष को रस्सियों से बांधकर सरेआम घुमाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटना का विवरण

मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में अमानवीयता की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पुरुष और महिला को कथित तौर पर विवाहेतर संबंधों के संदेह में ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर पूरे गांव में घुमाया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग इस घटना को बेहद निंदनीय और शर्मनाक बता रहे हैं। सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) महेश सुनाया ने जानकारी दी कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ ग्रामीणों ने एक जोड़े को बंधक बना लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जोड़े को मुक्त कराकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार को ठीकरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में घटित हुई। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि महिला और पुरुष के हाथ रस्सियों से बंधे हुए हैं और उन्हें आपस में भी बांधा गया है। भीड़ का एक समूह उन्हें इसी अपमानजनक अवस्था में सार्वजनिक सड़क पर चलने के लिए विवश कर रहा है, जबकि आसपास मौजूद लोग इस पूरे मंजर को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करने में व्यस्त हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि भारत में भीड़ द्वारा किसी को भी शारीरिक दंड देना या मॉब जस्टिस का सहारा लेना पूरी तरह गैर-कानूनी है। हालांकि अधिकारियों ने घटना के सटीक कारणों और आरोपियों की पहचान के बारे में बहुत अधिक विवरण नहीं दिया है, लेकिन वीडियो के वायरल होने से व्यक्तिगत निजता के हनन और पीड़ितों को समाज में अपमानित करने के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और दर्ज आरोप

पीड़ित महिला की ओर से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत तीन रिश्तेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने, मारपीट करने और एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। SDPO महेश सुनाया ने इस बात की पुष्टि की है कि घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कानून स्पष्ट करता है कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेना अपराध की श्रेणी में आता है।

पुलिस ने वीडियो शेयर न करने की दी चेतावनी

प्रशासन ने आम जनता से यह सख्त अपील की है कि वे इस तरह के अपमानजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड बिल्कुल न करें। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सामग्री को साझा करने से पीड़ितों को मानसिक आघात पहुंचता है और उनकी निजता का बार-बार हनन होता है, साथ ही यह जांच प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न कर सकता है। यह मामला समाज को संदेश देता है कि निजी विवादों को सुलझाने के लिए समुदाय को कानून का सम्मान करना चाहिए, न कि खुद न्यायाधीश बनकर हिंसक व्यवहार अपनाना चाहिए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप