हॉकी इंडिया में मचा घमासान: अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने DG आरके श्रीवास्तव के छीने सभी अधिकार, आठ गंभीर आरोप तय खेल एक घंटा पहले 3
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने संगठन के महानिदेशक आरके श्रीवास्तव के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनके सभी प्रशासनिक अधिकार छीन लिए हैं। श्रीवास्तव पर जर्सी विवाद समेत कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।

हॉकी इंडिया ने की बड़ी कार्रवाई

हॉकी इंडिया के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। संगठन के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कड़ा रुख अपनाते हुए महानिदेशक (DG) कमांडर आरके श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के साथ ही, उनके सभी अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। हॉकी इंडिया की ओर से श्रीवास्तव पर कुल आठ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनका जवाब देने के लिए उन्हें चार सप्ताह का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है, तो मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर उनके खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

जर्सी का रंग बदलने से बढ़ा विवाद

इस पूरे मामले की जड़ में भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में किया गया बदलाव है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीवास्तव पर आरोप है कि उन्होंने नीली जर्सी की जगह नारंगी जर्सी लागू करने का फैसला पूरी तरह मनमाने ढंग से लिया। इस अहम बदलाव के लिए न तो अध्यक्ष से और न ही कार्यकारी समिति से कोई विचार-विमर्श किया गया। बार-बार आधिकारिक दस्तावेज और अनुमति की फाइल मांगे जाने के बावजूद वे इसे पेश करने में नाकाम रहे। इस फैसले ने खेल जगत में काफी हलचल पैदा कर दी थी और व्यापक विरोध हुआ था।

भारतीय टीम ने नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित FIH वर्ल्ड कप के दौरान नारंगी रंग की किट पहनी थी। आधिकारिक तर्क यह दिया गया था कि नीले मैदान पर नीली जर्सी के कारण खिलाड़ियों को पहचानने में तकनीकी समस्या आती है, लेकिन इस स्पष्टीकरण के बाद भी मामला थमा नहीं और दिलीप टिर्की ने खुद इस फैसले का कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

निर्देशों की अनदेखी और अन्य गंभीर आरोप

अधिकारों से बेदखल किए गए आरके श्रीवास्तव पर केवल जर्सी विवाद ही नहीं, बल्कि अनुशासनहीनता के अन्य कई आरोप भी हैं। अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देशों को दरकिनार कर विश्व कप के दौरान नीदरलैंड और बेल्जियम की यात्रा करने को भी एक बड़ी चूक माना गया है, जबकि उन्हें भारत में रुककर हॉकी इंडिया लीग (HIL) की तैयारियों पर ध्यान देने का निर्देश दिया गया था।

इनके अलावा उन पर लगे अन्य आरोपों में शामिल हैं:

  • पीआर एजेंसी पर बिना अनुमति प्रतिबंध लगाना।
  • खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं।
  • मुख्य कोच क्रेग फुल्टन से जुड़ा विवाद।
  • FIH और AHF जैसी बाहरी संस्थाओं के साथ बिना पूर्व अनुमति के संवाद करना।
विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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