जबलपुर एयरपोर्ट का नया नाम: वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर होगी पहचान, मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सरकार ने किसानों को ऋण चुकाने की समय सीमा में बड़ी राहत दी है।

जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने का निर्णय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को याद करते हुए जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने की घोषणा की है। रानी दुर्गावती समाधि स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की महान शासिका के शौर्य का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की इच्छा को देखते हुए राज्य सरकार जबलपुर एयरपोर्ट को वीरांगना रानी दुर्गावती एयरपोर्ट के रूप में नई पहचान देगी।

विकास कार्यों को भी मिलेगा रानी दुर्गावती का नाम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार रानी दुर्गावती के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुँचाने के लिए संकल्पित है। इस दिशा में पहले ही कई बड़े कदम उठाए जा चुके हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  • जबलपुर के नवनिर्मित सबसे बड़े फ्लाईओवर का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर होगा।
  • शहर में बनने जा रहे नए चिड़ियाघर को भी रानी दुर्गावती का नाम दिया जाएगा।

सीएम ने उम्मीद जताई कि जब यात्री जबलपुर पहुंचेंगे, तो हवाई अड्डे का नाम सुनते ही उन्हें इस क्षेत्र के महान इतिहास और रानी दुर्गावती के बलिदान की याद आएगी।

केंद्र को भेजा जाएगा औपचारिक प्रस्ताव

इस नामकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के पास भेजा जाएगा। इस घोषणा के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, संपतिया उइके और हेमंत खंडेलवाल जैसे वरिष्ठ नेता भी मंच पर मौजूद रहे।

किसानों को बड़ी राहत

हवाई अड्डे के नामकरण के साथ ही मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब 31 मार्च तक ऋण चुकाने की अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। इस कदम से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय को लागू करने के लिए राज्य सरकार पर लगभग ₹880 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसे सरकार वहन करेगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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