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एक घंटा पहले
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ऐपल का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन बना ग्राहकों की पहली पसंद
दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल ने लंबे इंतजार के बाद अपने बहुप्रतीक्षित और पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo के साथ बाजार में कदम रख दिया है। इस डिवाइस के लॉन्च होते ही टेक जगत में हलचल मच गई है। फोन की बिक्री शुरू होते ही ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। स्थिति यह है कि दुनिया भर में स्थित ऐपल स्टोर्स के बाहर ग्राहकों की लंबी लाइनें लग गई हैं और भारी मांग के चलते फोन का स्टॉक तेजी से खत्म हो गया है। अब कंपनी के सामने सप्लाई को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, जिसके चलते कई ग्राहकों को नए डिवाइस के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
ग्लोबल मार्केट में दिखा आईफोन का जादू
iPhone Duo को लेकर दीवानगी का आलम यह है कि न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित फिफ्थ एवेन्यू स्टोर से लेकर ऑस्ट्रेलिया और एशिया के बाजारों तक ग्राहकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। न्यूयॉर्क में तो उन ग्राहकों की भी भीड़ देखी गई जिन्होंने फोन की प्री-बुकिंग नहीं की थी। ऐपल के इस फोल्डेबल फोन की शुरुआती कीमत 2,000 डॉलर (करीब 1.65 लाख रुपये) से शुरू होकर इसके टॉप मॉडल के लिए 3,199 डॉलर (करीब 2.65 लाख रुपये) तक जाती है। इतनी ऊंची कीमत होने के बावजूद ग्राहकों के बीच इसे खरीदने की होड़ मची हुई है। आलम यह है कि अब कंपनी की वेबसाइट पर नए ऑर्डर देने वाले ग्राहकों को फोन की डिलीवरी के लिए जनवरी के अंत तक का समय दिया जा रहा है।
उत्पादन में आ रही बड़ी अड़चनें
सवाल यह उठता है कि इतनी मांग के बावजूद फोन की उपलब्धता कम क्यों है? इसके पीछे कई तकनीकी और व्यावहारिक कारण हैं। iPhone Duo को तैयार करने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल है। फोन के बीच में इस्तेमाल होने वाला खास हिंज (Hinge) मैकेनिज्म और नई डिस्प्ले टेक्नोलॉजी इसके निर्माण में मुख्य चुनौतियां पेश कर रही हैं। फिलहाल इस डिवाइस का उत्पादन चीन में चुनिंदा और सीमित फैक्ट्रियों में ही किया जा रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों की भारी कमी भी उत्पादन की गति को धीमा कर रही है। यही कारण है कि सैमसंग जैसी अन्य स्मार्टफोन कंपनियां भी अपने उपकरणों की कीमतों में इजाफा करने को मजबूर हैं।
ऐपल के भविष्य के लिए क्यों अहम है यह बदलाव
स्मार्टफोन बाजार में ऐपल ने भले ही थोड़ा देर से प्रवेश किया हो, लेकिन iPhone Duo को कंपनी के दो दशकों के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण डिजाइन परिवर्तनों में से एक माना जा रहा है। कंपनी इस डिवाइस के जरिए एक स्मूद सॉफ्टवेयर अनुभव और बेहतरीन डिजाइन पेश करना चाहती है। चूंकि ऐपल की कुल कमाई का लगभग आधा हिस्सा आईफोन की बिक्री से ही आता है, इसलिए इस नए मॉडल की व्यावसायिक सफलता कंपनी की भविष्य की रणनीतियों के लिए अत्यंत निर्णायक साबित होने वाली है।
निवेशकों और बाजार की नजरें 2 नवंबर पर
अब बाजार और निवेशकों की निगाहें 2 नवंबर की तारीख पर टिकी हैं। इस दिन ऐपल अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करने वाला है। हालांकि, इन नतीजों में iPhone Duo की बिक्री के आंकड़े सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह तिमाही सितंबर के अंत में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद, निवेशकों को इस रिपोर्ट से iPhone 18 Pro और Pro Max सीरीज की शुरुआती बिक्री के जोरदार आंकड़ों की उम्मीद है, जिसका सीधा असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखाई देगा। इस लॉन्च ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रीमियम गैजेट्स के मामले में ऐपल की पकड़ अभी भी दुनिया भर के ग्राहकों पर बेहद मजबूत बनी हुई है, भले ही इसके लिए उन्हें काफी अधिक कीमत चुकानी पड़े या लंबा इंतजार करना पड़े।
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