मुंबई का ट्रैफिक होगा गायब: वर्सोवा से बांद्रा तक का सफर अब महज 15 मिनट में, सरकार ने 1,722.40 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी व्यापार 3 महीने पहले 129
मुंबई के वर्सोवा और बांद्रा को जोड़ने वाली इस नई सड़क परियोजना के लिए सरकार ने बड़ी स्वीकृति दे दी है, जिससे यात्रियों को भीषण जाम से राहत मिलेगी और समय की भारी बचत होगी।

मुंबई में इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

मुंबई की सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लाखों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक (वीबीएसएल) के बांद्रा किले वाले हिस्से को सावरकर सी ब्रिज से सीधे जोड़ने के लिए एक नई सड़क परियोजना को हरी झंडी दिखा दी है। यह सड़क मार्ग लगभग 3.55 किलोमीटर लंबा होगा, जिसके निर्माण के लिए राज्य मंत्रिमंडल की इन्फ्रा संबंधी उपसमिति ने 1,722.40 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान कर दी है।

परियोजना की मंजूरी और वित्तीय ढांचा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) को सौंपी गई है। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता वाली उपसमिति ने गुरुवार को मंजूरी दी, जबकि इससे पहले 17 जून को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति ने भी इसे अपनी सहमति दे दी थी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,722.40 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें निर्माण कार्य के लिए 1,183.79 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि शेष राशि में भूमि अधिग्रहण, जीएसटी और अन्य प्रशासनिक खर्च शामिल हैं।

झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास और मुआवजा

इस बड़े निर्माण कार्य के दौरान कुछ बाधाओं को हटाने की भी तैयारी है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस मार्ग में आने वाली करीब 40 झुग्गियों का पुनर्वास किया जाना आवश्यक है। इन झुग्गियों को हटाने और वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, निर्माण कार्य से प्रभावित होने वाले मछुआरों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा गया है और उनके मुआवजे के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, निर्माण के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में आवश्यक उपायों के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान भी बजट में रखा गया है।

सी लिंक की प्रगति और समय सीमा

आपको बता दें कि वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक का नाम बदलकर स्वतंत्रवीर सावरकर सी लिंक कर दिया गया है। यह 17.17 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मई 2026 तक की स्थिति पर नजर डालें तो इस पूरे प्रोजेक्ट का लगभग 31 फीसदी कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। हालांकि, तय लक्ष्य के अनुसार उस समय तक 35.84 फीसदी कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। इस पूरे सी लिंक परियोजना की संशोधित लागत अब 18,120.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस पूरे कार्य को मई 2028 तक पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाए।

आम नागरिकों और रियल एस्टेट को फायदा

फिलहाल वर्सोवा से बांद्रा की यात्रा करने में आम लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ता है और इसमें डेढ़ से 2 घंटे का लंबा समय लग जाता है। लेकिन इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह यात्रा का समय घटकर मात्र 15 से 20 मिनट रह जाएगा। यह अरब सागर के ऊपर बना शहर का सबसे तेज रूट साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब यह परियोजना पूरी तरह से तैयार हो जाएगी, तो न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि इसके आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट के कारोबार को भी काफी मजबूती मिलेगी और नई आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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