विदेशी मुद्रा भंडार में भारत ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंचा व्यापार 41 मिनट पहले 3
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है और अब यह अमेरिका की तुलना में तीन गुना से अधिक हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, यह भंडार बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है।

रिकॉर्ड स्तर पर भारत का खजाना

आयात से जुड़े दबावों और वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार यानी फॉरेक्स रिजर्व अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर की जोरदार बढ़त के साथ 729.33 अरब डॉलर के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में चौथे स्थान पर काबिज हो गया है, जिनके पास सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है।

बीते सप्ताह की स्थिति और पुराना रिकॉर्ड

अगर हम पिछले आंकड़ों पर नजर डालें, तो इससे एक सप्ताह पहले तक विदेशी मुद्रा भंडार 9.90 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 716.91 अरब डॉलर पर था। इससे पहले, भारत ने 27 फरवरी, 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में 728.49 अरब डॉलर का अपना पिछला उच्चतम स्तर दर्ज किया था, जिसे अब पार कर लिया गया है। गौरतलब है कि एक समय ऐसा भी था जब आयात महंगा होने की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना था और सरकार को सोने के आयात पर अंकुश लगाने के साथ ही ईंधन के संयमित उपयोग की अपील करनी पड़ी थी, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह से उलट चुकी है।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में भारी उछाल

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 21 अगस्त तक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) 9.48 अरब डॉलर की बढ़ोतरी के साथ 591.33 अरब डॉलर हो गई हैं। ध्यान रहे कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में रखे गए एसेट के मूल्य में होने वाले बदलाव भी शामिल होते हैं। विदेशी मुद्रा प्रवाह को तेज करने के लिए केंद्र सरकार और आरबीआई ने पिछले महीने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। इनमें FCNR(B) डिपॉजिट से जुड़ी पहल का विशेष महत्व है। रियायती दरों पर अदला-बदली के उपायों के चलते अब तक देश को 72 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है, जिसने फॉरेक्स रिजर्व को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।

स्वर्ण भंडार और अन्य जमा का हाल

केवल विदेशी मुद्रा ही नहीं, बल्कि देश के स्वर्ण भंडार में भी जबरदस्त इजाफा देखा गया है। 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.80 अरब डॉलर बढ़कर 114.22 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त, विशेष आहरण अधिकार (SDR) 11.2 करोड़ डॉलर की वृद्धि के साथ 18.85 अरब डॉलर हो गए हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास मौजूद भारत की आरक्षित स्थिति भी 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.92 अरब डॉलर दर्ज की गई है।

वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति

अगर दुनिया के शीर्ष 10 देशों के विदेशी मुद्रा भंडार पर नजर डालें, तो चीन अभी भी 3.42 ट्रिलियन डॉलर के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे नंबर पर जापान है, जिसका विदेशी मुद्रा भंडार 1.29 ट्रिलियन डॉलर है। सूची में तीसरे स्थान पर स्विट्जरलैंड आता है, जिसके पास 1.09 ट्रिलियन डॉलर का भंडार है। भारत अब 729.33 अरब डॉलर के आंकड़े के साथ दुनिया में चौथे स्थान पर आ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका का विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में 253 अरब डॉलर है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत का फॉरेक्स रिजर्व अब अमेरिका के मुकाबले तीन गुना से अधिक हो गया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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