व्यापार
एक घंटा पहले
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जांच के दायरे में आए उत्पाद
भारत सरकार ने घरेलू निर्माताओं को राहत देने के लिए चीन से आने वाले तीन उत्पादों के खिलाफ एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी है। देश के घरेलू उद्योग का आरोप है कि चीन और अन्य देशों से इन उत्पादों को बेहद कम कीमत पर भारतीय बाजार में खपाया जा रहा है, जिससे स्थानीय कंपनियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले व्यापार उपाय निदेशालय (DGTR) ने इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
किन चीजों पर है संकट
घरेलू कंपनियों द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर जिन उत्पादों की जांच की जा रही है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- थर्मल पेपर या थर्मल सेंसिटिव पेपर: इसकी शिकायत इंडियन एसोसिएशन ऑफ थर्मल पेपर मैन्युफैक्चरर्स एंड एलाइड इंडस्ट्रीज ने की है।
- बायक्सियली ओरिएंटेड पॉलीएमाइड (BOPA) फिल्म: पैकेजिंग उद्योग में इस्तेमाल होने वाली इस फिल्म को लेकर JPFL फिल्म्स ने आवाज उठाई है।
- विशेष एंटीऑक्सीडेंट्स: विनती ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने इन रसायनों के सस्ते आयात की शिकायत की है।
- डेकोर पेपर: ITC लिमिटेड ने चीन से आने वाले इस उत्पाद की जांच की अपील की है।
कौन से देश हैं शामिल
इस जांच में केवल चीन ही नहीं बल्कि 4 अन्य देश भी शामिल हैं। इन देशों में कोरिया, सिंगापुर, अमेरिका और थाईलैड का नाम प्रमुख है। निदेशालय यह पता लगाएगा कि क्या वास्तव में इन देशों से माल की डंपिंग हो रही है और इसका भारतीय उद्योग पर कितना बुरा असर पड़ रहा है। यदि जांच में डंपिंग साबित होती है, तो सरकार इन उत्पादों पर भारी एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने का फैसला ले सकती है।
व्यापार का गणित
चीन के साथ भारत के व्यापारिक संबंध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही व्यापार घाटा भी एक बड़ी चिंता बन चुका है। 2025-26 में चीन अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार:
- भारत का चीन से आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर हो गया है।
- चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर रहा है।
- 2025-26 में व्यापार घाटा बढ़कर 112.6 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो कि 2024-25 में 99.2 अरब डॉलर था।
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