देवघर चारा घोटाला: लालू प्रसाद यादव की जमानत बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका ठुकराई भारत एक महीने पहले 59
सुप्रीम कोर्ट ने देवघर चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने वर्षों के बाद हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत

देवघर चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि वह झारखंड हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत के फैसले में किसी भी प्रकार का दखल नहीं देना चाहते हैं।

सात साल का समय और अदालत की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि इस घटना को बीते हुए अब सात साल का लंबा समय बीत चुका है। सीबीआई की ओर से यह अपील साल 2018 में दायर की गई थी। ऐसी स्थिति में अब हाई कोर्ट के जमानत संबंधी आदेश में हस्तक्षेप करना सही नहीं होगा। हालांकि, अदालत ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू यादव से जुड़े इस मामले की सुनवाई में तेजी लाई जाए।

सीबीआई की दलीलें और कानूनी तर्क

सुनवाई के दौरान सीबीआई का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने अदालत को बताया कि लालू यादव की जमानत याचिका को पहले दो बार खारिज किया जा चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में हाई कोर्ट ने यह गलत आधार मानकर जमानत दे दी कि लालू यादव ने अपनी सजा का 50% हिस्सा पूरा कर लिया है। सीबीआई का दावा है कि यह गणना गलत है क्योंकि इसमें सजा को साथ चलने वाली नहीं माना गया था। इसके बावजूद कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और जमानत को बरकरार रखा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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