छत्तीसगढ़ में मानवता शर्मसार: गर्भवती नाबालिग को ससुराल से अगवा कर किया दुष्कर्म, जबरन खिलाई गर्भपात की दवा छत्तीसगढ़ 3 महीने पहले 75
कोरिया जिले में प्रेम विवाह करने वाली एक पांच माह की गर्भवती नाबालिग के साथ हैवानियत का मामला सामने आया है, जहां आरोपियों ने उसे अगवा कर दुष्कर्म किया और गर्भ गिराने के लिए दवा भी खिला दी।

कोरिया में खौफनाक वारदात

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में प्रेम विवाह के बाद एक नाबालिग पीड़िता के साथ हुई बर्बरता ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। पांच माह की गर्भवती इस किशोरी को न केवल उसके ससुराल से अपहरण किया गया, बल्कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने अपनी मर्जी से अंतरजातीय विवाह किया था और वह अपने वैवाहिक जीवन में खुश थी, लेकिन यह खुशी कुछ लोगों की आंखों में खटकने लगी थी।

अपहरण और दरिंदगी की कहानी

आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत पीड़िता के ससुराल पहुंचकर उसे जबरन अगवा किया। इस दौरान वहां मौजूद परिजनों ने इसका भारी विरोध किया, लेकिन आरोपियों ने किसी की एक न सुनी और किशोरी को गाड़ी में डालकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। मुख्य आरोपी रमेश सिंह टेकाम और उसके साथी दरोगा सिंह ने पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ शारीरिक शोषण किया। पीड़िता पांच माह की गर्भवती थी, इस बात की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों ने हैवानियत की सारी सीमाएं पार कर दीं। उनकी क्रूरता यहीं नहीं रुकी, बल्कि उन्होंने उसके पेट में पल रहे बच्चे को खत्म करने के इरादे से पीड़िता को जबरन गर्भपात की दवा खिला दी।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

पीड़िता ने साहस दिखाते हुए 5 जुलाई को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद 10 जुलाई को उसने बैकुंठपुर थाने पहुंचकर पूरी आपबीती पुलिस को बताई। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने उनकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी। करीब 14 दिनों तक चले गहन तलाशी अभियान और मशक्कत के बाद पुलिस को सफलता मिली। दोनों आरोपी सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र के जंगलों में छिपे हुए थे, जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

राजनीतिक रसूख का सच

इस मामले में मुख्य आरोपी रमेश सिंह टेकाम का नाम चर्चा में है। पुलिस के अनुसार, वह गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के किसान मोर्चा का पूर्व जिला कार्यवाहक अध्यक्ष रह चुका है। हालांकि, पार्टी ने उसकी आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों के चलते उसे इसी साल जनवरी 2026 में संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

सख्त धाराओं में मामला दर्ज

बैकुंठपुर थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि इस वीभत्स मामले में पुलिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं 64(2)(च), 64(2)(ड), 65(1), 70(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े करती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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