केरल में शादी के लिए उमड़ा जनसैलाब, 1500 फॉर्म छपे थे पर 7000 लोग पहुंचे, हाईवे तक लगी कतारें राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
केरल के कोझिकोड में एक निशुल्क मैट्रिमोनियल शिविर में उम्मीद से कहीं ज्यादा भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे आयोजक भी दंग रह गए। स्थिति यह हुई कि मंदिर परिसर से बाहर निकलकर लोगों की लाइन नेशनल हाईवे तक पहुंच गई।

कोझिकोड में दिखा शादी के लिए उत्साह

जीवनसाथी की तलाश करना आज के समय में कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसकी एक बानगी केरल के कोझिकोड में देखने को मिली। करंथुर स्थित हरहारा महादेव मंदिर में अविवाहित लोगों के लिए एक निशुल्क विवाह पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे कि आयोजकों के सभी इंतजाम नाकाफी साबित हुए। शिविर में पहुंचने वाले लोगों की भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उसकी कतार मंदिर के दायरे से निकलकर सीधे नेशनल हाईवे तक पहुंच गई।

आयोजकों का अनुमान हुआ गलत

आयोजन से पहले आयोजकों ने व्यवस्था के लिहाज से 1500 फॉर्म छपवाए थे। उन्हें उम्मीद थी कि कैंप में करीब 1000 से 2000 लोग आएंगे। हालांकि, रविवार को शिविर शुरू होते ही नजारा पूरी तरह उलट गया। महज कुछ ही घंटों के भीतर तमाम फॉर्म खत्म हो गए। भीड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहले तो उपलब्ध फॉर्म्स की फोटो कॉपी करवाकर काम चलाने की कोशिश की गई, लेकिन जब उससे भी बात नहीं बनी तो आनन फानन में प्रिंटिंग प्रेस से 4000 अतिरिक्त फॉर्म मंगवाने पड़े।

पुरुषों की संख्या रही सर्वाधिक

इस अनूठे विवाह पंजीकरण शिविर की एक खास बात यह रही कि पंजीकरण कराने के लिए आने वालों में 80 फीसदी संख्या पुरुषों की थी। शादी के लिए सही जीवनसाथी ढूंढने की छटपटाहट में आए हजारों लोगों ने न केवल मंदिर परिसर को खचाखच भर दिया, बल्कि पूरे इलाके में यातायात और व्यवस्था को लेकर भी भारी मशक्कत करनी पड़ी। यह पूरी घटना दर्शाती है कि केरल जैसे राज्य में भी शादी के लिए योग्य साथी तलाशने की प्रक्रिया कितनी जटिल हो गई है, जिसके चलते लोग इस तरह के निशुल्क शिविरों में बड़ी संख्या में शिरकत कर रहे हैं। इस अप्रत्याशित जनसमूह ने आयोजन समिति को भी हैरानी में डाल दिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप