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5 घंटे पहले
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ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल पर उठे सवाल
केरल सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सतर्कता जांच यानी विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। यह पूरा मामला साल 2006 का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग यानी PWD में सचिव के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान विभाग में भारी अनियमितताएं हुई थीं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मलेशिया के एक सिविल इंजीनियर ली सी बीन ने आत्महत्या कर ली थी। गौरतलब है कि ली सी बीन उस समय राज्य परिवहन परियोजना के अंतर्गत एमसी रोड के विस्तार कार्य में लगे PATI-BEL कंसोर्टियम का हिस्सा थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंजीनियर द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम विशेष रूप से लिया गया था।
जांच के पीछे की मुख्य वजह
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने विजिलेंस डायरेक्टर को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले में लगाए गए बाहरी दबाव और मूल जांच को प्रभावित करने के आरोपों की बारीकी से पड़ताल करें। गृह मंत्री का कहना है कि उन्हें इस मामले में बाहरी प्रभाव डाले जाने की जानकारी मिली थी, जिसे गंभीरता से लिया जाना जरूरी है। विजिलेंस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी तथ्यों की जांच करें और प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
शिकायत में गंभीर आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता मलयिनकीझु वेणुगोपाल ने उन्हें ज्ञानेश कुमार के PWD सचिव रहने के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़ी एक विस्तृत शिकायत सौंपी थी। चेन्निथला के अनुसार, इस शिकायत में उन गंभीर मुद्दों को उठाया गया है, जिनमें मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या और सुसाइड नोट में तत्कालीन सचिव का उल्लेख शामिल है। मंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार पद पर रहने के नाते वे इस मामले में चुप नहीं बैठ सकते और न्याय के लिए इस शिकायत को विजिलेंस विभाग को सौंपना उनका कर्तव्य था।
राजनीतिक बदले की भावना से इनकार
विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को रमेश चेन्निथला ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे और उनकी पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन यह मामला पूरी तरह से अलग और कानूनी प्रकृति का है। मंत्री ने साफ किया कि अगर किसी मामले में संज्ञेय अपराध होने के संकेत मिलते हैं, तो एक लोक सेवक के तौर पर उसकी जांच कराना अनिवार्य हो जाता है। वर्तमान में विपक्षी दल SIR और अन्य मुद्दों को लेकर ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं, जिसके चलते दिल्ली और मुंबई समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं। मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन भी जारी है।
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