राष्ट्रीय राजनीति
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कर्नाटक विधान परिषद चुनाव: बीजेपी और जेडीएस गठबंधन की शुरुआती बढ़त
कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की 4 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न होने के बाद, 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती का काम शुरू हुआ। शुरुआती मतगणना के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) का गठबंधन आगे निकलता दिख रहा है। राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस पार्टी और प्रमुख विपक्षी गठबंधन के बीच हुआ यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य में सरकार बनने और डीके शिवकुमार के शीर्ष नेतृत्व की कमान संभालने के बाद इस चुनावी मुकाबले को कांग्रेस के लिए एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। 43 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने वाली इस मतगणना में बीजेपी दो सीटों पर आगे है, जबकि जेडीएस के उम्मीदवार एक सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं।
चारों सीटों की विस्तृत स्थिति और चुनावी रुझान
विधान परिषद की चारों सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। अलग-अलग क्षेत्रों से आ रहे रुझान इस प्रकार हैं:
- पश्चिम स्नातक सीट: इस निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य मुकाबला बीजेपी के एसवी संकानूर और कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई के बीच है। शुरुआती दौर की मतगणना में एसवी संकानूर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहन लिम्बिकाई पर 2,000 से अधिक वोटों की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी।
- दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट: इस क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार केएम सुरेश और कांग्रेस प्रत्याशी शशि हुलिकुंटे मठ के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। इस सीट पर मतपत्रों की गिनती का प्रक्रियात्मक काम जारी है और अगले दौर के आंकड़ों की प्रतीक्षा की जा रही है।
- उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट: शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के मौजूदा एमएलसी शशील जी. नमोशी अपनी सीट बचाने के प्रयास में हैं। वे कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी शरणप्पा मत्तूर से लगातार आगे चल रहे हैं।
- बेंगलुरु शिक्षक सीट: बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र का मुकाबला बेहद चर्चित माना जा रहा है। यहां जेडीएस के प्रत्याशी एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार पुट्टन्ना के खिलाफ बढ़त बनाई हुई है। उल्लेखनीय है कि पुट्टन्ना इस निर्वाचन क्षेत्र से पहले भी 5 बार जीत दर्ज कर चुके हैं।
डीके शिवकुमार और कांग्रेस नेतृत्व की परीक्षा
कर्नाटक विधान परिषद के इन चुनावों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार डीके शिवकुमार की साख दांव पर लगी हुई है। चुनाव प्रचार के दौरान डीके शिवकुमार सहित कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं ने जमीनी स्तर पर पूरी ताकत झोंकी थी। शुरुआती रुझानों में विपक्षी गठबंधन की बढ़त के बाद राजनीतिक हलकों में कांग्रेस की रणनीति और संगठन क्षमता को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
हालांकि अभी अंतिम नतीजों की घोषणा होना बाकी है, लेकिन ये रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि बीजेपी और जेडीएस का वोट ट्रांसफर तंत्र जमीन पर प्रभावी ढंग से काम कर रहा है।
राजनीतिक दलों के दांव और भावी समीकरण
इन 4 सीटों के परिणाम राज्य की भावी राजनीति और चुनावी रणनीतियों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माने जा रहे हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की कोशिश अपनी पुरानी सीटों को बचाए रखने के साथ-साथ विपक्षी क्षेत्रों में नई बढ़त बनाने की रही है। दूसरी ओर, बीजेपी इन चुनावों में अपनी 3 सीटों पर कब्जा बरकरार रखने के संकल्प के साथ उतरी थी, जबकि सहयोगी जेडीएस बेंगलुरु शिक्षक सीट को अपने नाम करने के लिए प्रयासरत है। वोटों की गिनती के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
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