ब्रिटेन के पहले AI मंत्री बने भारतीय मूल के कनिष्क नारायण, बिहार के मुजफ्फरपुर से जुड़ा है नाता बिहार एक महीने पहले 47
मुजफ्फरपुर के मूल निवासी कनिष्क नारायण को ब्रिटेन के कैबिनेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री की अहम जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति ब्रिटेन में पहली बार किसी समर्पित AI मंत्रालय के गठन के रूप में देखी जा रही है।

ब्रिटेन की कैबिनेट में भारतीय मूल का दबदबा

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क नारायण ने वैश्विक राजनीति में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने उन्हें कैबिनेट स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI मंत्री नियुक्त किया है। इस फैसले के साथ ही ब्रिटेन ने विश्व का पहला ऐसा मंत्रालय तैयार किया है जो विशेष रूप से AI तकनीक पर केंद्रित है। बिहार की गलियों से निकलकर दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से एक, ब्रिटेन की कैबिनेट तक का यह सफर न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है।

कनिष्क नारायण की जीवन यात्रा

कनिष्क नारायण का प्रारंभिक जीवन मुजफ्फरपुर के दामुचक स्थित सोंधो हाउस में बीता। उनके जीवन के संघर्ष और सफलता की गाथा कुछ इस प्रकार है:

  • कनिष्क का जन्म मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। जब वह 12 वर्ष के थे, तब उनका परिवार बेहतर अवसरों की तलाश में वेल्स की राजधानी कार्डिफ़ चला गया।
  • शुरुआती दौर में उनके परिवार ने काफी आर्थिक तंगी का सामना किया और एक सामान्य फ्लैट में रहकर कनिष्क ने वहां के सरकारी स्कूल में अपनी शिक्षा की शुरुआत की।
  • उनकी शैक्षणिक योग्यता अत्यंत प्रभावशाली रही है। कनिष्क ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और बाद में अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की।
  • राजनीतिक गलियारों में कदम रखने से पहले, उन्होंने ब्रिटेन के कैबिनेट ऑफिस में वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार के तौर पर अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने देश के प्रधानमंत्री और वरिष्ठ मंत्रियों को महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव दिए।
  • उन्होंने सिलिकॉन वैली की अनेक बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ काम करने का अनुभव भी लिया है।
  • वर्ष 2024 के आम चुनावों में, कनिष्क ने लेबर पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए वेल्स की वेल ऑफ ग्लैमॉर्गन सीट से जीत दर्ज की। इसी के साथ वह उस क्षेत्र से चुने जाने वाले पहले एथनिक माइनॉरिटी सांसद बन गए।
  • इससे पहले सितंबर 2025 में उन्हें AI और ऑनलाइन सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था, जिसे अब कैबिनेट मंत्रालय के रूप में और अधिक विस्तार दिया गया है।

मुजफ्फरपुर से पारिवारिक जुड़ाव

कनिष्क नारायण का मुजफ्फरपुर से आज भी गहरा रिश्ता बना हुआ है। वह स्थानीय एसकेजे लॉ कॉलेज के निदेशक जयंत कुमार के भतीजे हैं। उनके पिता संतोष कुमार और माता चेतना सिन्हा कार्डिफ़ में जाने-माने सॉलिसिटर के रूप में कार्यरत हैं। उनके बड़े भाई डॉ. गौतम नारायण लंदन में एक डॉक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शिक्षा जगत में खुशी का माहौल

कनिष्क की इस ऐतिहासिक सफलता पर मुजफ्फरपुर के शिक्षाविदों ने खुशी जाहिर की है। एसकेजे लॉ कॉलेज की सचिव उज्ज्वला मिश्रा, सुशील कुमार मिश्रा और प्राचार्य डॉ. विमल किशोर समेत डॉ. सतीश कुमार, डॉ. रजनीश कुमार गुप्ता, प्रो. अंकज कुमार, प्रो. केकेएन तिवारी, डॉ. रत्नेश भारद्वाज, आशुतोष कुमार, चंदन कुमार और डॉ. ललित किशोर जैसे गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं। सभी ने कनिष्क के उज्ज्वल भविष्य और उनके आगामी कार्यकाल की सफलता की कामना की है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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