कामदुनी रेप-मर्डर मामले की पीड़िता का परिवार पहुंचा सुवेंदु अधिकारी के दरबार, न्याय की उम्मीद पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 77
कामदुनी रेप-मर्डर मामले की पीड़िता का परिवार न्याय की गुहार लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार में पहुंचा। सरकार ने परिवार को कानूनी मदद का भरोसा दिलाया है।

न्याय की तलाश में जनता दरबार

कामदुनी रेप-मर्डर केस की पीड़िता का परिवार बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा आयोजित जनता दरबार में पहुंचा। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य मामले में उचित कानूनी सहायता और न्याय सुनिश्चित करना है। यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया है जब राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने 13 साल पुरानी इस दर्दनाक घटना की फाइलों को फिर से खोलने का संकेत दिया है। बैठक के दौरान पीड़िता के परिवार के साथ टुम्पा कोयल और मौसमी कोयल भी उपस्थित थीं, जो साल 2013 की इस घटना के विरोध में हुए आंदोलनों का चेहरा बनी थीं। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों पर प्रशासनिक नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

जनता दरबार और मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जनता की समस्याओं के सीधे समाधान के लिए इस साप्ताहिक कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल की पहली कड़ी 18 मई को संपन्न हुई थी। मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालने के बाद ही यह सुनिश्चित करने का वादा किया था कि राज्य के नागरिक हर सप्ताह सीधे उनसे अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे और प्रशासन उन्हें प्राथमिकता के साथ हल करेगा।

कामदुनी की वह काली रात

यह मामला साल 2013 का है जब उत्तर 24 परगना के कामदुनी में एक कॉलेज छात्रा के साथ वहशी दरिंदगी हुई थी। वह घर लौट रही थी, तभी उसे जबरन एक खेत में खींच लिया गया। वहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। अगली सुबह जब उसका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, तो पूरे पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आक्रोश की लहर दौड़ गई थी।

अदालती कार्यवाही और सजा का सफर

मामले के तीन साल बाद, एक सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को मौत की सजा और तीन अन्य को उम्रकैद का फैसला सुनाया था। हालांकि, बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस फैसले में बदलाव किया। हाई कोर्ट ने दो दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया और मौत की सजा पाए तीसरे आरोपी को बरी कर दिया। इसके अलावा, शेष तीन दोषियों की आजीवन कारावास की सजा को भी अदालत ने घटा दिया था।

परिवार को कानूनी मदद का वादा

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिवार का ही विरोध कर रहा था। अधिकारी ने अब परिवार को हर संभव कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया है। पीड़िता के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए शिकायत की है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। परिवार का यह भी आरोप है कि तत्कालीन सरकार ने अदालत में महत्वपूर्ण सबूत पेश नहीं किए और पुलिस ने भी जांच में कोताही बरती। कामदुनी की घटना के बाद जब ममता बनर्जी वहां पहुंची थीं, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। उस समय उन्होंने प्रदर्शनकारियों को माओवादी बताकर विवाद खड़ा कर दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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