राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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देश भर में मौसम के मिजाज में अचानक एक बड़ा और नाटकीय बदलाव देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का अरब सागर से गुजर रही ट्रफ लाइन के साथ विलय हो गया है। इस विलय के कारण मौसमी प्रणालियों की ताकत कई गुना बढ़ गई है, जिससे दक्षिण भारत से लेकर कई अन्य हिस्सों में आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का माहौल तैयार हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस सक्रिय वेदर सिस्टम को ध्यान में रखते हुए दक्षिण भारत के कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है, जिससे बर्फबारी और बारिश की गतिविधियां शुरू होने के आसार बन गए हैं।
दक्षिण भारत में बदला कुदरत का मिजाज, चक्रवाती परिसंचरण का हुआ विलय
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तमिलनाडु के पास उत्पन्न हुआ चक्रवाती परिसंचरण जब अरब सागर की ट्रफ लाइन में मर्ज हुआ, तो इससे पूरे क्षेत्र में नमी और हवा का दबाव काफी बढ़ गया। इस शक्तिशाली सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण भारत के पांच प्रमुख क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और लक्षद्वीप में बेहद भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और बौछारों से ठंड की शुरुआत हो रही है। मौसम में आए इस दोहरे बदलाव के चलते देश के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में मिश्रित असर देखा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में साफ रहेगा आसमान, धूप से सुहाना होगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में 24 अक्टूबर 2026 को मौसम पूरी तरह से साफ, शुष्क और अनुकूल बना रहेगा। नई दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह की शुरुआत हल्की ठंडी हवाओं के साथ होगी। दिन चढ़ने के साथ ही शहरवासियों को खिली हुई धूप का अहसास होगा। दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कोई संभावना व्यक्त नहीं की गई है, जिससे तापमान और वायु गुणवत्ता का स्तर संतुलित रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर राजधानी में दिन काफी आरामदायक और खुशनुमा रहेगा।
उत्तर प्रदेश का हाल: सुबह धुंध के बाद खिलेगी चटख धूप
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 24 अक्टूबर 2026 को मौसम साफ और पूरी तरह से शुष्क रहने वाला है। राज्य के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा में सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है। हालांकि, सूरज निकलने के साथ ही धुंध छट जाएगी और दिन भर चमकदार धूप खिली रहेगी। बारिश की कोई चेतावनी न होने के कारण बाजारों में त्योहारी सीजन की खरीदारी और आम कामकाज बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से चलते रहेंगे।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की चेतावनी
तमिलनाडु के साथ-साथ पुडुचेरी और कराईकल के विस्तृत इलाकों में मानसून और चक्रवाती परिसंचरण के विलय का सबसे गहरा प्रभाव देखा जाएगा। मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर 2026 को इस पूरे क्षेत्र में तेज गर्जना के साथ मुसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। चेन्नई, मदुरै, कोयंबटूर और सलेम जैसे बड़े शहरों में आसमान में काले बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर भारी बौछारें पड़ती रहेंगी। निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने और बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।
केरल और माहे में रेड-ऑरेंज अलर्ट, थमेगी रफ्तार
तटीय और पर्वतीय बनावट वाले केरल और माहे क्षेत्र में मौसम बेहद आक्रामक रुख अपना सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट प्रभावी किया है। 24 अक्टूबर 2026 को तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और त्रिशूर में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली कड़कने और आंधी चलने का अनुमान है। लगातार बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज होगी और जलभराव के कारण सड़कों पर यातायात की गति धीमी पड़ सकती है। पर्यटकों और स्थानीय किसानों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
कर्नाटक: तटीय इलाकों में तेज हवाएं, मछुआरों को सतर्क रहने के निर्देश
कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक भागों और तटीय क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों में भारी तेजी आएगी। 24 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु, मैसूर, मंगलुरु और हुबली में घने बादल छाए रहेंगे और रह-रहकर जोरदार बौछारें गिरेंगी। तटीय कर्नाटक में समुद्र की स्थिति काफी अशांत रहने की उम्मीद है, जिसके कारण मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त ताकीद की है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में दिखेगा असर, समुद्र में उथल-पुथल
बंगाल की खाड़ी में बने दबाव और अरब सागर के ट्रफ के समन्वय से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों और रायलसीमा के इलाकों में कड़ा मौसम देखने को मिलेगा। 24 अक्टूबर 2026 को विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति और नेल्लोर में धूलभरी तेज सतही हवाओं के साथ भारी बारिश होने के आसार हैं। तटीय क्षेत्रों में हवा की रफ्तार काफी तेज रहने के कारण नाव संचालन और मछुआरों की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
तेलंगाना में छाए रहेंगे बादल, हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
तेलंगाना राज्य के वातावरण में अच्छी-खासी नमी बनी रहेगी, जिससे यहाँ बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। 24 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद, वारंगल, निजामाबाद और करीमनगर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। यद्यपि तटीय आंध्र प्रदेश और केरल की तुलना में यहाँ खतरा कम रहेगा, फिर भी मौसम में उमस और सुहावनापन बना रहेगा।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर मूसलाधार बौछारों का दौर
बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती मौसमी प्रभाव के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भीषण मानसूनी परिस्थितियां बनी हुई हैं। 24 अक्टूबर 2026 को पोर्ट ब्लेयर, माया बंदर, कार निकोबार और डिगलीपुर में गरज के साथ मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं के चलते द्वीपों के बीच चलने वाली फेरी और नौका सेवाओं को सुरक्षा के लिहाज से रोका या सीमित किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर में नए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, बर्फबारी के आसार
उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश कर चुका है, जिससे जम्मू और कश्मीर के मौसम में ठंडक अचानक बढ़ गई है। 24 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर, पहलगाम, गुलमर्ग और कटरा में ठंडी हवाएं चलेंगी और आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। इस मौसमी बदलाव के कारण पूरी कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में गिरेगा पारा, पर्यटकों को गर्म कपड़े रखने की सलाह
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी जिलों पर भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई देगा। 24 अक्टूबर 2026 को शिमला, मनाली, धर्मशाला और डलहौजी में बर्फीली ठंडी हवाएं चलेंगी। आंशिक बादलों के बीच अधिक ऊंचाई वाले चोटियों पर छिटपुट बर्फबारी और हल्की वर्षा होने का अनुमान है। इस समय पहाड़ी इलाकों की सैर पर आ रहे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े साथ रखने की विशेष सलाह दी गई है।
उत्तराखंड की पहाड़ियों में बढ़ेगी ठंडक, मैदानी इलाकों में धूप
उत्तराखंड राज्य में 24 अक्टूबर 2026 को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन उच्च पर्वतीय अंचलों में ठंडी हवाओं का प्रभाव देखा जाएगा। देहरादून, नैनीताल, मसूरी और हरिद्वार में आसमान में धूप और बादलों की आंख-मिचौली जारी रह सकती है। मैदानी हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रहेगी, जबकि सुबह और देर रात के समय तापमान गिरने से हल्की ठंड महसूस की जाएगी, जिससे मौसम बेहद सुहावना बना रहेगा।
पंजाब और हरियाणा में मौसम रहेगा शुष्क, किसानों को राहत
पंजाब और हरियाणा के मैदानी क्षेत्रों में 24 अक्टूबर 2026 को मौसम पूरी तरह से साफ, स्थिर और शुष्क रहने वाला है:
- पंजाब: अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में सुबह के समय हल्की धुंध के बाद दिन भर धूप खिली रहेगी। वर्षा की कोई संभावना न होने से किसानों को धान की कटाई और फसलों के प्रबंधन में काफी सहूलियत मिलेगी।
- हरियाणा: गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और हिसार में मौसम साफ रहेगा। दिन में हल्की उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी और धूप खिली रहेगी, जिससे त्योहारी तैयारियों में लगे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राजस्थान का मिजाज: धूप के साथ रातों में महसूस होगी ठंडक
राजस्थान के पश्चिमी और पूर्वी दोनों संभागों में 24 अक्टूबर 2026 को मौसम पूरी तरह शुष्क और स्थिर बना रहेगा। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में दिन भर तेज धूप खिली रहेगी। रेगिस्तानी और सीमावर्ती क्षेत्रों में दोपहर के समय हल्की गर्माहट का अहसास हो सकता है, लेकिन रात के समय तापमान में गिरावट के साथ गुलाबी ठंडक ने अपनी दस्तक दे दी है। पूरे राज्य में किसी भी क्षेत्र के लिए बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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