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एक घंटा पहले
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संस्थागत निवेशकों में उत्साह
रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रमुख डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम यानी IPO को लेकर शेयर बाजार में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। IPO के बाजार में खुलते ही बड़े संस्थागत निवेशकों ने बड़ी सक्रियता दिखाई है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी महज 28 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, कुल IPO के लिए अभी तक 65 फीसदी सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, QIB श्रेणी में निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। सुबह 10 बजे तक यह आंकड़ा 2.86 गुना तक पहुंच चुका था। इस श्रेणी में मुख्य रूप से म्यूचुअल फंड हाउस, बड़ी बीमा कंपनियां और अन्य बड़े वित्तीय संस्थान शामिल होते हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन बड़े निवेशकों का रुझान कंपनी के प्रति भरोसे को दर्शाता है, हालांकि केवल इस आंकड़े के आधार पर कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन या लिस्टिंग के बारे में अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी।
रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों की स्थिति
जहाँ एक तरफ बड़े संस्थागत खिलाड़ी तेजी दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ छोटे यानी रिटेल निवेशकों का रुझान अभी शुरुआती दौर में काफी धीमा बना हुआ है। NSE के आंकड़ों की मानें तो गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी में अब तक 11 फीसदी सब्सक्रिप्शन ही दर्ज हुआ है। इसी तरह, आम रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षित हिस्से में केवल 8 फीसदी ही बोलियां प्राप्त हुई हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि अभी छोटे निवेशक इस IPO को लेकर पूरी तरह से सक्रिय नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि आवेदन की समयसीमा समाप्त होने तक ये आंकड़े बदल सकते हैं, इसलिए निवेशकों को अंत तक की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
एंकर निवेशकों से जुटाए गए 8,109 करोड़ रुपये
IPO के आधिकारिक तौर पर खुलने से पूर्व, 19 अक्टूबर को कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए बाजार से 8,109.84 करोड़ रुपये की बड़ी पूंजी जुटाई थी। इस चरण में 212 बड़े एंकर निवेशकों ने भाग लिया था, जिनमें ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल जैसे वैश्विक स्तर के दिग्गज शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन एंकर निवेशकों की ओर से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई थी, जो भारतीय बाजार में किसी भी IPO के लिए बेहद प्रभावशाली है।
निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि संस्थागत निवेशकों की भारी मांग को देखकर खुदरा निवेशकों को अंधाधुंध निवेश से बचना चाहिए। किसी भी IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, उसकी आर्थिक सेहत, भविष्य के व्यापारिक लक्ष्यों और स्वयं की जोखिम सहने की क्षमता का विश्लेषण करना अनिवार्य है। केवल संस्थागत भागीदारी ही मुनाफे की गारंटी नहीं होती है, इसलिए पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही निवेश का अंतिम फैसला लेना उचित रहेगा।
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