छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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विचारों
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के लोग दशकों से अपने क्षेत्र में रेल सुविधा का इंतजार कर रहे थे, और अब यह प्रतीक्षा खत्म होने की ओर है। धरमजयगढ़ से लोहरदगा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में अधिसूचित कर दिया गया है। इस खबर के सामने आते ही पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और लोग कह रहे हैं कि अब उन्हें भी अपने जिले से रेल यात्रा का अवसर मिलेगा।
291 किलोमीटर लंबी होगी नई रेल लाइन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत कुल 291 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन तैयार की जाएगी। यह लाइन छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ से शुरू होकर पत्थलगांव, कुनकुरी और जशपुर शहर से गुजरते हुए पड़ोसी राज्य झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी।
परियोजना को मिला 'विशेष रेल परियोजना' का दर्जा
भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 'विशेष रेल परियोजना' के रूप में अधिसूचित किया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह संपूर्ण परियोजना अब आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गई है। इसका अर्थ है कि अब इस दिशा में आगे का काम तेज गति से शुरू हो सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयास लाए रंग
जशपुर को मिली इस बड़ी सौगात के पीछे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयास माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से ही वे जिले में रेल सुविधा पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहे। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज यह परियोजना जमीन पर उतरने के लिए तैयार है।
लोगों ने जताया आभार
रेल लाइन की अधिसूचना जारी होने से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। जशपुर के नागरिक आकाश बाजपेयी और अमित नायक ने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोगों का मानना है कि इस रेल कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
विकास के खुलेंगे नए रास्ते
जशपुर जिले में रेल पहुंचने से न सिर्फ आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। दशकों से रेल का इंतजार कर रहे जशपुर के लोगों की प्रतीक्षा अब समाप्ति की कगार पर है।
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