अमरनाथ यात्रा का हुआ शांतिपूर्ण समापन: 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने किए पवित्र हिमलिंग के दर्शन जम्मू-कश्मीर एक घंटा पहले 8
हिमालय की दुर्गम चोटियों पर स्थित अमरनाथ गुफा की 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक तीर्थयात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है, जिसमें रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दर्शन किए।

संपन्न हुई अमरनाथ की पवित्र तीर्थयात्रा

हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा के लिए आयोजित वार्षिक तीर्थयात्रा का समापन हो गया है। 57 दिनों तक चली यह यात्रा इस बार के वर्षों की सबसे लंबी और महत्वपूर्ण यात्राओं में से एक मानी जा रही है। इस वर्ष के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 4.80 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में पहुंचकर शिवलिंग के दर्शन किए और अपनी श्रद्धा अर्पित की। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और बेहद भक्तिपूर्ण माहौल में पूरा हुआ।

अंतिम अनुष्ठान और पवित्र छड़ी का महत्व

यात्रा के अंतिम पड़ाव पर खराब मौसम के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते यात्रा को लगभग दो हफ्ते के लिए रोकना भी पड़ा था। हालांकि, इसके बावजूद परंपरा का निर्वहन करने के लिए मुख्य पुजारी और साधुओं का एक समर्पित जत्था अपनी यात्रा पर अडिग रहा। पवित्र छड़ी यानी छड़ी मुबारक को पारंपरिक पहलगाम मार्ग से ले जाया गया। तीन दिनों की कड़ी मेहनत और कठिन रास्तों को पार करते हुए यह दल पवित्र गुफा तक पहुंचा।

वहां पवित्र छड़ी के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरि की अगुवाई में अंतिम भव्य पूजा का आयोजन किया गया। भगवान शिव के इस निवास स्थान पर विश्व में शांति और खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं। अनुष्ठान के बाद, मुख्य पुजारी अब पहलगाम में लिद्दर नदी के तट पर स्थित शिव मंदिर में एक और विशेष पूजा संपन्न करेंगे। इस दौरान पवित्र छड़ी को रस्मी स्नान कराया जाएगा और उसके बाद इसे सुरक्षित रूप से दक्षिणी अखाड़ा शिव मंदिर ले जाया जाएगा, जहां अगले साल की यात्रा शुरू होने तक इसे कड़े सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। यात्रा के समापन के मौके पर शंकराचार्य मंदिर में भी भक्तों की भारी उपस्थिति देखी गई।

सुरक्षा का अभूतपूर्व इंतजाम

इस वर्ष की 57 दिनों की लंबी यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी प्राथमिकता रही। यात्रा के दौरान एक हेड कांस्टेबल की हत्या की दुखद आतंकी घटना भी सामने आई थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में रखा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे मार्ग को बेहद संवेदनशील माना गया था। बालटाल और पहलगाम, दोनों मार्गों पर सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए थे। पवित्र गुफा तक की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब एक लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। कड़े सुरक्षा इंतजामों और निगरानी व्यवस्था के चलते ही लाखों तीर्थयात्रियों ने सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी की।

प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि

श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, जिसके प्रमुख उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हैं, ने इस यात्रा के सफल संचालन का श्रेय संबंधित सभी सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को दिया है। 4.80 लाख श्रद्धालुओं का सुरक्षित दर्शन करना प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। सभी बाधाओं और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद यात्रा का सुचारू समापन यह दर्शाता है कि आपसी तालमेल और सतर्कता के जरिए कठिन से कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अब सभी भक्त और प्रशासन अगले वर्ष की पवित्र यात्रा की प्रतीक्षा करेंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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