मध्य प्रदेश
8 घंटे पहले
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पूर्वी मध्य प्रदेश में आज भी बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के पूर्वी संभागों में पिछले 5 दिनों से लगातार जारी आंधी और बारिश का प्रभाव अब कम होने वाला है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, शनिवार को भी रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, यह सिलसिला जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों के बाद आने वाले 3 दिनों तक प्रदेश भर में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और तेज धूप खिलेगी।
क्यों हो रही है बेमौसम बारिश
राज्य में मानसून की औपचारिक विदाई के बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का घेरा बनने और ट्रफ लाइन के एक्टिव होने के कारण आंधी और बारिश की स्थितियां पैदा हुईं। इसका सबसे ज्यादा असर सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों में देखा गया। अकेले अनूपपुर जिले के अमरकंटक में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई।
भोपाल और अन्य जिलों का तापमान
शुक्रवार को राजधानी भोपाल में दिन के समय तेज धूप का अनुभव किया गया, लेकिन शाम होते-होते मौसम में सुखद ठंडक घुल गई। वहीं राज्य के अन्य बड़े शहरों जैसे इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में गर्मी का असर बरकरार है। इन जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बड़वानी जिले के तालुन क्षेत्र में तो दिन का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो राज्य के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी अधिक है।
सबसे ठंडा रहा पचमढ़ी
बारिश और नमी के कारण प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी इस दौरान प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान बना रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान के अन्य आंकड़े इस प्रकार रहे:
- अमरकंटक और इंदौर: 17.9 डिग्री सेल्सियस
- छिंदवाड़ा: 18.1 डिग्री सेल्सियस
- कटनी का करौंदी: 18.8 डिग्री सेल्सियस
- शाजापुर: 19 डिग्री सेल्सियस
मानसून की विदाई और बारिश के आंकड़े
मध्य प्रदेश से मानसून ने 3 अक्टूबर को ही विदाई ले ली थी, लेकिन मौसमी बदलावों के चलते बारिश का दौर चलता रहा। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 100 दिन तक सक्रिय रहा। आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक रही, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में स्थिति इसके विपरीत रही। पश्चिमी क्षेत्र के जिलों में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां अभी भी जल की कमी बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम के शुष्क रहने से तापमान में और स्थिरता आएगी।
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