खामेनेई की शोकसभा में पहुंचे ईरान के दिग्गज नेता, नए सर्वोच्च कमांडर मोजतबा के न दिखने से बढ़ा रहस्य विश्व एक महीने पहले 76
तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की नमाज के दौरान ईरान के तमाम बड़े अधिकारी और नेता सार्वजनिक रूप से मंच पर दिखाई दिए, मगर नए प्रमुख मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी गैरहाजिरी ने सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान में आयोजित जनाजे की नमाज में देश का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक साथ सार्वजनिक रूप से सामने आया। इस शोकसभा में देश के तमाम बड़े सैन्य और राजनीतिक चेहरे उपस्थित थे, लेकिन इसके बावजूद सबकी नजरें केवल एक शख्स को तलाश रही थीं। वह शख्स कोई और नहीं बल्कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई हैं। मोजतबा इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं भी दिखाई नहीं दिए। इस जनाजे की नमाज में मोजतबा के तीनों भाई तो जनता के सामने आए, लेकिन उनकी खुद की अनुपस्थिति ने तेहरान के राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस को बेहद गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को हुए हवाई हमले के बाद यह पहला ऐसा मौका था जब ईरान का इतना बड़ा नेतृत्व एक साथ सार्वजनिक मंच पर नजर आया है।

जनाजे की नमाज में शामिल हुए देश के बड़े चेहरे

रविवार के दिन तेहरान की प्रसिद्ध ग्रैंड मोसल्ला में शोकसभा का आयोजन किया गया था। इस दौरान 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने नमाज का नेतृत्व किया। इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मौके पर खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मीसम और मुस्तफा अग्रिम पंक्ति में मौजूद थे। उनके अलावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी, देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ और कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल कानी भी इस नमाज में शामिल हुए। इस मौके पर जनरल अहमद वाहिदी सादे कपड़ों में और काले रंग की बेसबॉल कैप पहने हुए दिखाई दिए, जिन्हें सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से घेर रखा था।

आखिर कहां हैं नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई?

अपने पिता की मृत्यु के बाद से ईरान की सत्ता और कमान संभाल रहे नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अभी तक एक बार भी सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने नहीं आए हैं। उनकी इस रहस्यमयी गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि वह उसी हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद से वह किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर छिपे हुए हैं। इजरायल की ओर से भी उन्हें जान से मारने की लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा और बढ़ गया है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी है जब मोजतबा खामेनेई के ही नेतृत्व में ईरान, अमेरिका के साथ जारी युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की नाकेबंदी को हटाने के लिए महत्वपूर्ण बातचीत कर रहा है।

शोकसभा में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल को सीधी धमकी

तेहरान की इस शोकसभा के दौरान वहां मौजूद लोगों में भारी गुस्सा और तनाव साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था। ग्रैंड मोसल्ला में डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या का आह्वान करने वाले बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रसिद्ध कवि मोहम्मद रसूली ने लाउडस्पीकर के जरिए वहां इकट्ठा हुई भारी भीड़ को संबोधित किया। उन्होंने सीधे तौर पर ट्रंप को निशाना बनाते हुए तीखा सवाल पूछा कि दुनिया का सबसे दुष्ट आदमी यानी ट्रंप अभी तक जिंदा क्यों बचा हुआ है? इस सवाल के जवाब में वहां मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद और इजरायल मुर्दाबाद के गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए।

वाशिंगटन से डोनाल्ड ट्रंप का करारा पलटवार

जिस समय तेहरान की सड़कों और मस्जिदों में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की जा रही थी, ठीक उसी वक्त अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था। इस समारोह में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना के पराक्रम और ताकत की जमकर सराहना की। ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि हमें जबरदस्त सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आप चाहे वेनेजुएला को देखें या फिर ईरान को देखें, हमने उन्हें पूरी तरह से बर्बाद करके रख दिया है और उनकी सेना का पूरी तरह खात्मा कर दिया है।

अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम विदाई का पूरा कार्यक्रम

दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए ईरान और उसके पड़ोसी देश इराक के अलग-अलग प्रमुख शहरों में ले जाया जाएगा, ताकि वहां के लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकें। तय कार्यक्रम के अनुसार:

  • सोमवार को तेहरान की मुख्य सड़कों पर उनका विशाल जनाजा निकाला जाएगा, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
  • इसके बाद आगामी गुरुवार को मश्हद स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

ईरान में घोषित इस राष्ट्रीय शोक के चलते अमेरिका के साथ विभिन्न मुद्दों पर चल रही महत्वपूर्ण शांति वार्ता को भी फिलहाल के लिए पूरी तरह से रोक दिया गया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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