मसूद पेजेशकियन ने किया अमेरिका के साथ बातचीत का बचाव, विरोधियों को दिया करारा जवाब विश्व 2 महीने पहले 63
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने विरोधियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बातचीत सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी और दिशा-निर्देशों के तहत ही हो रही है।

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका संग गुप्त वार्ता पर तोड़ी चुप्पी

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अप्रत्यक्ष शांति वार्ता को लेकर ईरान के भीतर ही राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। इस बीच, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने कदम का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने उन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी सरकार ने देश के सर्वोच्च नेता (सुप्रीम लीडर) मोजतबा खामेनेई की अनुमति के बिना अमेरिका से बातचीत शुरू की है। इस्लामिक डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन काउंसिल के अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में पेजेशकियन ने स्पष्ट किया कि सरकार का हर एक कूटनीतिक कदम पूरी तरह से तय प्रक्रिया और सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन में ही उठाया गया है।

सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता: मसूद पेजेशकियन

विरोधियों को कड़ा जवाब देते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अगर देश के सर्वोच्च नेता इस बातचीत के खिलाफ कोई भी आदेश देते, तो ईरान की सरकार कभी भी अमेरिका के साथ किसी भी मंच पर चर्चा नहीं करती। उन्होंने अपने बयान में कहा, "अगर नेतृत्व ने हमें बातचीत न करने का निर्देश दिया होता, तो हम निश्चित रूप से उसका अक्षरशः पालन करते। यदि सुप्रीम लीडर ने साफ तौर पर कहा होता कि कोई बैठक या कूटनीतिक चर्चा नहीं होगी, तो हमारी तरफ से न तो कोई बैठक आयोजित की जाती और न ही किसी प्रकार की बातचीत को आगे बढ़ाया जाता।"

SNSC की बैठक में बहुमत से पास हुआ था प्रस्ताव

राष्ट्रपति ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया के पीछे के आंतरिक घटनाक्रमों का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस संवेदनशील मुद्दे को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के पास विचार के लिए भेजा था। सर्वोच्च नेता का स्पष्ट निर्देश था कि यदि काउंसिल के तीन-चौथाई सदस्य इस बातचीत के पक्ष में अपना मत देते हैं, केवल तभी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। पेजेशकियन के अनुसार, इस प्रस्ताव को काउंसिल में भारी समर्थन मिला। काउंसिल के कुल 13 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने न केवल इस बातचीत का पुरजोर समर्थन किया, बल्कि इस पर गहन चर्चा कर इसे आगे बढ़ाने पर अपनी सहमति भी दी।

राष्ट्रीय रणनीति और एकजुटता के तहत उठाए जा रहे कदम

ईरानी राष्ट्रपति ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ईरान की सरकार द्वारा उठाए जा रहे तमाम कदम पहले से निर्धारित नीतियों और देश की व्यापक कूटनीतिक रणनीति के अनुरूप ही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारी पूरी कार्यप्रणाली पूरी तरह से एकजुटता, आपसी समन्वय और देश के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।"

गौरतलब है कि पेजेशकियन का यह बयान ऐसे नाजुक समय में आया है जब ईरान अपने लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक संक्रमण काल से गुजर रहा है। इसी उथल-पुथल के बीच, कतर की राजधानी दोहा में ईरान और अमेरिका के बीच परदे के पीछे से अप्रत्यक्ष तौर पर शांति वार्ता का सिलसिला लगातार जारी है, जिसका देश के भीतर कुछ कट्टरपंथी धड़े विरोध कर रहे हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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