'पीड़ित महिला की हाय लगी कांग्रेस को...', भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने मीनाक्षी नटराजन को घेरा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इसे प्रदेश के बड़े नेताओं का षड्यंत्र करार दिया।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर छिड़े सियासी संग्राम की गूंज प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है। भाजपा इस घटनाक्रम को अपनी रणनीतिक सफलता के रूप में देख रही है, जबकि कांग्रेस इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र बता रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज किए जाने के बाद इंदौर संभागीय पार्टी कार्यालय में भाजपा विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर मीडिया के सामने आईं और उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

उषा ठाकुर का मीनाक्षी नटराजन पर निशाना

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के मामले में भाजपा अब भी आक्रामक तेवर अपनाए हुए है। पार्टी ने कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे षड्यंत्र के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं को कठघरे में खड़ा कर दिया। प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस आज नटराजन के नामांकन निरस्त होने को नारी सम्मान से जोड़ रही है, जबकि असल सच्चाई यह है कि यह प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं की ही रची हुई साजिश है।

'पीड़िता की हाय लगने' का बयान

उषा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस भले ही इस घटनाक्रम को नारी सम्मान का मुद्दा बना रही हो, लेकिन इसके लिए खुद नटराजन और कांग्रेस के अन्य बड़े नेता ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन को तेलंगाना की उस पीड़ित महिला की हाय लगी है, जिस पर वे उत्पीड़न और शोषण की शिकायत वापस लेने का दबाव बना रही थीं, जबकि एक महिला होने के नाते उन्हें पीड़िता का साथ देना चाहिए था।

गौरतलब है कि तेलंगाना में कांग्रेस नेता कुंभम शिवकुमार रेड्डी पर एक महिला कार्यकर्ता ने शादी का झांसा देकर शोषण, ब्लैकमेल और धमकी देने के आरोप लगाए थे। इसी प्रकरण में महिला ने रेड्डी के साथ-साथ तत्कालीन तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध हुआ था।

कांग्रेस पर लगाए आरोप

उषा ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस अब भाजपा पर आरोप मढ़ रही है, जबकि यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के बड़े नेताओं का ही किया-धरा है। जब उनसे पूछा गया कि कैलाश विजयवर्गीय ने भी अपने एफिडेविट में कुछ जानकारियां छिपाई थीं, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ऐसा था तो कांग्रेस को उसी समय आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी।

इस मौके पर मौजूद भाजपा के जिला ग्रामीण अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने भी पूरे मामले को कांग्रेस के बड़े नेताओं का षड्यंत्र बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े नेताओं ने ही इससे जुड़ी जानकारी लीक की। फिलहाल भाजपा लगातार कांग्रेस और उसके नेताओं को इस मुद्दे पर घेर रही है।

तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा की 03 सीटें हैं और तीनों ही भाजपा के खाते में गई हैं। यहां से रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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