ई-रिक्शा से यात्रियों को लूटने वाला गिरोह गिरफ्तार: चोरी के पैसों से बिजनौर में खड़ा किया 2.5 करोड़ का बंगला मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 3
इंदौर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो ई-रिक्शा में सवार होकर यात्रियों का सामान पार करता था। इस गिरोह के मास्टरमाइंड ने पिछले 18 वर्षों में 40 से अधिक वारदातों को अंजाम देकर करोड़ों की संपत्ति जुटाई थी।

गिरोह का शातिर तरीका और पुलिस की कार्रवाई

मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ई-रिक्शा को अपना मोहरा बनाकर अपराध करता था। इस गैंग के मास्टरमाइंड समेत कई सदस्यों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये की कीमत का चोरी किया गया सामान भी बरामद किया है।

कैसे यात्रियों को बनाते थे निशाना

यह गिरोह बड़े ही सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। ये अपराधी रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स जैसे व्यस्त इलाकों में उन यात्रियों को निशाना बनाते थे जो अकेले सफर कर रहे होते थे। इनमें मुख्य रूप से बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल होते थे। गिरोह के सदस्य एक ही शेयरिंग ई-रिक्शा में सवार होकर पीड़ित को घेर लेते थे। सफर के दौरान गैंग के सदस्य पीड़ित से बातों में उलझे रहते थे, जिसका फायदा उठाकर मास्टरमाइंड बड़ी सफाई से यात्री के बैग या जेब से नकदी, पर्स और कीमती जेवर चुरा लेता था। वारदात को अंजाम देते ही ये सभी अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे।

जांच का आधार और मामले का खुलासा

हाल ही में महाराष्ट्र से इंदौर आए 60 वर्षीय पवन सिंह इस गिरोह का शिकार बने थे। जब वे रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा में बैठकर स्कीम-78 की ओर जा रहे थे, तब उनके बैग से करीब 12 तोला सोने के गहने पार कर दिए गए। पीड़ित की शिकायत मिलने पर विजय नगर एसीपी पराग सैनी के नेतृत्व में लसूड़िया पुलिस ने जांच शुरू की। ई-रिक्शा के अधूरे नंबरों के आधार पर पुलिस ने करीब 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद गिरोह की पहचान करना संभव हो पाया।

18 सालों का लंबा आपराधिक इतिहास

गिरोह का सरगना 53 वर्षीय महबूब हमीद है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। महबूब पिछले करीब 18 वर्षों से मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय था। उसके खिलाफ कुल 40 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 11 मामले केवल इंदौर शहर के थानों में दर्ज हैं। पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आया कि महबूब ने चोरी की काली कमाई से बिजनौर में करीब 2.5 करोड़ रुपये का एक आलीशान बंगला तैयार किया है। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो उसकी भव्यता देखकर हैरान रह गई।

परिवार भी शामिल होने का शक

पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महबूब का पूरा परिवार इस अपराध में शामिल हो सकता है। पुलिस अभी उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, कई अन्य लंबित चोरियों के मामलों से भी पर्दा उठ सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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