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एक घंटा पहले
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समुद्र में जिंदगी और मौत की जंग
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास नॉर्थ अंडमान के डिगलीपुर तट पर भारतीय तटरक्षक बल यानी ICG ने मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है। एक मर्चेंट शिप पर सवार बांग्लादेशी नागरिक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में समुद्र के बीच से सुरक्षित निकाला गया। जानकारी के मुताबिक, 36 वर्षीय यह नाविक बल्क कैरियर एमवी एमरिस पर काम कर रहा था, तभी जहाज पर गिरने के चलते उसके सिर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। प्रतिकूल मौसम और समुद्र की ऊंची उठती लहरों की परवाह किए बिना भारतीय कोस्ट गार्ड ने रात के सन्नाटे में एक जटिल मेडिकल इवैक्यूएशन ऑपरेशन को अंजाम दिया और नाविक को सकुशल बचा लिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा गया ICGS राजदूत
इस घटना की शुरुआत 20 और 21 सितंबर की मध्यरात्रि को हुई। जब MRCC यानी मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर, श्री विजयपुरम को एमवी एमरिस जहाज से एक क्रू मेंबर के बुरी तरह घायल होने की सूचना मिली, तो प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने फौरन कार्रवाई शुरू की। इस चुनौतीपूर्ण मिशन को पूरा करने की जिम्मेदारी ICGS राजदूत को सौंपी गई। उस समय समुद्र की स्थितियां बेहद कठिन थीं, लेकिन तटरक्षक बल के जांबाजों ने हर जोखिम को दरकिनार करते हुए मिशन को आगे बढ़ाया।
खतरनाक लहरों के बीच चला रेस्क्यू अभियान
खराब मौसम की मार और समुद्र में उठती खतरनाक लहरों के बावजूद तटरक्षक पोत ने अंधेरी रात में अपने बचाव कार्य को जारी रखा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने बताया कि चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के बीच ICGS राजदूत ने 36 वर्षीय बांग्लादेशी क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकाला। जहाज पर गिरने के बाद नाविक की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, जिसे कोस्ट गार्ड ने समय रहते मुहैया कराया।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
बचाव अभियान पूरा होने के बाद घायल नाविक को पहले डिगलीपुर हार्बर लाया गया। उसकी गंभीर चोटों को देखते हुए उसे फौरन आगे के विशेषज्ञ इलाज के लिए स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया। भारतीय नौसेना के एक विमान की मदद से उसे श्री विजयपुरम ले जाया गया और वहां के जीबी पंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। भारतीय तटरक्षक बल ने अपने बयान में इस सफलता का श्रेय नौसेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल को दिया है।
गुजरात में भी हाल ही में हुआ था बड़ा बचाव अभियान
भारतीय तटरक्षक बल की तत्परता का यह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले 12 सितंबर को गुजरात के तट पर भी तटरक्षक बल ने एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया था। कांडला के OTB के पास एमवी केमैक्स एम्परर और एमवी ट्रू मैरिनर नामक दो मर्चेंट जहाजों के बीच जोरदार टक्कर हो गई थी। इस हादसे के बाद ICG ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए एमवी केमैक्स एम्परर पर सवार 24 क्रू मेंबर्स में से 21 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, जबकि जहाज को संभालने के लिए 3 लोगों को वहीं तैनात रहने दिया गया था।
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