वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की बड़ी उपलब्धि, अप्रैल-अगस्त में निर्यात में 15 फीसदी का जबरदस्त उछाल व्यापार 3 घंटे पहले 3
दुनियाभर में फैली आर्थिक अनिश्चितताओं को दरकिनार करते हुए भारत ने व्यापार के मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच देश के माल निर्यात में 15 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

वैश्विक मंदी के बीच भारतीय व्यापार की मजबूती

दुनियाभर के बाजारों में छाई आर्थिक सुस्ती और व्यापार से जुड़ी तमाम मुश्किलों के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत का माल निर्यात मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट यानी माल निर्यात लगभग 15 फीसदी बढ़ गया है। यह उपलब्धि ऐसे दौर में मिली है जब वैश्विक स्तर पर कई बड़े बाजारों में व्यापारिक मांग को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

निर्यात के ताजा आंकड़े और प्रदर्शन

ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन के महिला-नेतृत्व विकास शिखर सम्मेलन के दौरान मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक रहा है। हालांकि अगस्त महीने के विस्तृत आयात-निर्यात के आधिकारिक आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय की ओर से 15 सितंबर को सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके पहले के सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल से जुलाई के बीच भारत का निर्यात 17.04 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 173.78 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। इसी समय सीमा के दौरान देश का आयात 19.27 फीसदी बढ़कर 292.38 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार विस्तार पर फोकस

पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के बीच सेवाओं और वस्तुओं के व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला-नेतृत्व वाले उपक्रमों और छोटे व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाने के लिए आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने समझाया कि किसी भी व्यापारी को ग्लोबल मार्केट में पैर जमाने के लिए तीन अहम चीजों की जरूरत होती है, जिनमें आसानी से क्रेडिट मिलना, नए खरीदारों तक पहुंच और व्यापार के लिए स्थिर नियम शामिल हैं।

महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर

मंत्री ने सुझाव दिया कि ब्रिक्स राष्ट्रों को महिला उद्यमियों के लिए कर्ज की प्रक्रिया को सरल बनाने और एक बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने अधिक संख्या में महिला कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों को वैश्विक प्रदर्शनियों में भेजने का प्रस्ताव रखा। साथ ही उन्होंने ई-कस्टम्स, ई-इनवॉइस और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड डॉक्यूमेंट जैसी सुविधाओं के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की बात कही ताकि सीमाओं के पार व्यापार करना सरल हो सके।

सर्विस सेक्टर में छिपी संभावनाएं

पीयूष गोयल के अनुसार, वैश्विक सेवा क्षेत्र का कारोबार लगभग 10 लाख करोड़ डॉलर का है, लेकिन ब्रिक्स देशों के बीच सेवाओं का आपसी व्यापार अभी बहुत कम है। ऐसे में डिजिटल अर्थव्यवस्था और महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए आने वाले समय में विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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