भारत
एक घंटा पहले
3
विचारों
महिला ट्रेनी IPS के यौन उत्पीड़न का मामला
हैदराबाद पुलिस ने लंबे समय से जारी तलाश के बाद ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्णा रेड्डी को हिरासत में ले लिया है। उदय पर अपनी ही साथी महिला ट्रेनी IPS अधिकारी के यौन उत्पीड़न, उन्हें अश्लील संदेश भेजने और चुपके से उनका व्यक्तिगत वीडियो बनाने के गंभीर आरोप हैं। अत्तापुर पुलिस थाना क्षेत्र में दर्ज हुए इस मामले में आरोपी अधिकारी के फरार होने के बाद से ही पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। मामला सामने आने के लगभग 10 दिन बाद पुलिस को उन्हें पकड़ने में कामयाबी मिली है।
महिला अधिकारी की शिकायत में क्या है आरोप
यह पूरा मामला 18 जुलाई को अत्तापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुआ। शिकायतकर्ता, जो कि 30 वर्षीय एक महिला ट्रेनी IPS अधिकारी हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि 23 जून से ही उदय कृष्णा रेड्डी लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे थे। महिला का आरोप है कि उन्हें लगातार भद्दे WhatsApp मैसेज भेजे गए, अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और अन्य ट्रेनी अधिकारियों के सामने भी उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
हिंसा और ब्लैकमेल का आरोप
महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में बहुत ही डरावनी घटनाएं बयां की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उदय ने जबरन उनका मोबाइल छीनकर पासवर्ड मांग लिया था। महिला ने आगे बताया कि उदय ने उन्हें अपने कमरे में बंद कर लिया, उनके बाल खींचे, गला दबाने की कोशिश की और चाकू का डर दिखाकर बाहर निकलने से रोका। सबसे गंभीर आरोप यह है कि आरोपी ने महिला का एक निजी वीडियो चुपके से बनाया और उसे उनके पति को भेजकर ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। शिकायत के मुताबिक, 10 जुलाई को भी उदय ने उनके साथ मारपीट की थी।
दर्ज हुई गंभीर धाराओं में FIR
इस शिकायत के आधार पर अत्तापुर पुलिस ने उदय कृष्णा रेड्डी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें मुख्य रूप से धारा 74 (महिला के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग), 75 (यौन उत्पीड़न), 77 (वॉयूरिज्म), 78 (स्टॉकिंग), 79 (महिला की गरिमा का अपमान), 127(2) (बंधक बनाना), 115(2) (चोट पहुंचाना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) शामिल हैं। इसके अलावा, IT एक्ट की धारा 66E और 67A के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर सफाई और नाटकीय घटनाक्रम
घटना के तूल पकड़ने पर उदय कृष्णा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के जरिए सफाई दी थी। उन्होंने दावा किया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इस बीच, मोतीनगर में अपने एक रिश्तेदार के घर पर उदय बेहोशी की हालत में मिले थे और वे शराब के नशे में थे। ऐसी चर्चाएं तेज हो गई थीं कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, पुलिस का स्पष्ट कहना है कि वह केवल सहानुभूति हासिल करने का एक दिखावा था। 22 जुलाई को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद से ही वे लगातार फरार थे।
पुलिस की कार्रवाई
फरारी के दौरान पुलिस ने उदय को नोटिस भेजने की तमाम कोशिशें कीं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए सभी पते गलत साबित हुए। उनका मोबाइल फोन भी रविवार से बंद आ रहा था। अंततः पुलिस ने चार अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया और उन्हें धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि अब मेडिकल जांच पूरी करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Comments
0 comment