उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 4 जुलाई की सुबह हुए एक भयानक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गोरखपुर से डीजल लेकर जा रहा एक तेज रफ्तार टैंकर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क के किनारे लगे बिजली के ट्रांसफार्मर से जा टकराया। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि जोरदार धमाके के साथ पूरे टैंकर में आग लग गई। देखते ही देखते पूरा टैंकर आग की बड़ी-बड़ी लपटों से घिर गया और उसमें सवार लोगों को बाहर निकलने या खुद को बचाने का जरा सा भी मौका नहीं मिल सका। इस दर्दनाक हादसे में टैंकर के अंदर मौजूद तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मालटारी-मिर्जापुर स्थित विद्युत उपकेंद्र के ठीक पास घटित हुई।
हादसे का शिकार हुआ डीजल टैंकर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीजल से पूरी तरह से भरा हुआ यह टैंकर गोरखपुर से चलकर बिलरियागंज में स्थित एक पेट्रोल पंप की तरफ जा रहा था। रास्ते में चलते-चलते अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो गया। अनियंत्रित होते ही टैंकर सीधे बिजली के ट्रांसफार्मर में जा घुसा। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बिजली का ट्रांसफार्मर पूरी तरह से टूटकर जमीन पर आ गिरा और कुछ ही सेकंड के भीतर टैंकर में अत्यधिक ज्वलनशील डीजल होने के कारण भीषण आग लग गई। टैंकर देखते ही देखते आग के विशाल गोले में बदल गया।
दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जब आग की आसमान छूती लपटें और धुएं का गुबार देखा, तो तुरंत ही पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग को इस बात की सूचना दी। स्थानीय नागरिकों ने अपनी तरफ से भी आग बुझाने और राहत कार्य करने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयावह और भीषण थी कि अत्यधिक गर्मी और लपटों के कारण कोई भी व्यक्ति टैंकर के नजदीक जाने का साहस नहीं जुटा सका। चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार मचने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
हादसे की खबर मिलते ही जीयनपुर पुलिस स्टेशन की टीम, प्रशासनिक आला अधिकारी और दमकल विभाग की कुल 6 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में कई घंटों की कड़ी और थका देने वाली मशक्कत करनी पड़ी। जब तक आग की लपटें शांत हुईं और स्थिति नियंत्रण में आई, तब तक डीजल टैंकर पूरी तरह से जलकर राख हो चुका था और उसमें फंसे तीन लोगों की झुलसने के कारण मौत हो चुकी थी।
शवों की शिनाख्त और कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आग में बुरी तरह जल चुके शवों में से अब तक केवल एक ही मृतक की पहचान हो सकी है। इस मृतक का नाम प्रदीप कुमार बताया गया है, जो भीखमपुर, थाना मेहनगर का रहने वाला था। वहीं टैंकर में मौजूद अन्य दो शव इतनी बुरी तरह से झुलस चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना फिलहाल संभव नहीं हो पाया है। पुलिस अन्य दोनों मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनके परिजनों और आसपास के अन्य जिलों के पुलिस थानों से लगातार संपर्क स्थापित कर रही है ताकि जल्द से जल्द उनकी भी शिनाख्त हो सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने पूरे घटनास्थल को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण टैंकर का अनियंत्रित होना और ट्रांसफार्मर से टकराना ही बताया जा रहा है, फिर भी पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है।
इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर से सड़कों पर सुरक्षा और खतरनाक तथा ज्वलनशील पदार्थों के सुरक्षित परिवहन को लेकर अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने भी इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य दुखद घटना में ग्रेटर नोएडा से भी आगजनी की एक खौफनाक खबर सामने आई है, जहां आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के 2 दमकलकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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