ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान से समझौते के बाद 'सभी के लिए खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट', अंतिम विकल्प भी तैयार विश्व एक महीने पहले 24
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बात नहीं बनी तो अमेरिका के पास अंतिम विकल्प भी मौजूद है।

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब भी बरकरार है। दोनों देशों के बीच इस समय एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत का दौर जारी है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखकर दावा किया कि ईरान के साथ बहुत जल्द समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। उनके अनुसार, यह समझौता होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका के पास एक अंतिम विकल्प मौजूद है, जिसे शायद दोबारा कभी इस्तेमाल करने की नौबत न आए।

ओबामा के समझौते के उलट बताया अपना करार

अपनी पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "बराक हुसैन ओबामा का ईरान के साथ किया गया समझौता, JCPOA, परमाणु हथियार हासिल करने का एक आसान, सुंदर और सुगम रास्ता था, जो ईरान को छह साल पहले ही मिल गया होता और उसने इसका इस्तेमाल बहुत पहले ही कर लिया होता। ईरान के साथ मेरा समझौता ठीक इसके विपरीत है- परमाणु हथियार न बनने देने वाली दीवार! वास्तव में, अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते हैं, और न ही वे इसे खरीद, विकास या किसी अन्य माध्यम से हासिल करेंगे।"

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, "ईरान के साथ समझौते पर कल हस्ताक्षर होने वाले हैं, और हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा। ईरान के साथ हमारे संबंध पिछली सरकारों के संबंधों से कहीं अधिक भिन्न और बेहतर हैं। ओबामा द्वारा उन्हें दिए गए सैकड़ों अरब डॉलर के भुगतान के विपरीत, जिसमें 1.7 अरब डॉलर नकद भी शामिल हैं, इस बार पैसों का कोई लेन-देन नहीं होगा। उचित समय आने पर, जब सब कुछ शांत हो जाएगा, हम अपने शानदार बी-2 बमवर्षक विमानों और उनके कुशल पायलटों की बदौलत शक्तिशाली धंसे हुए ग्रेनाइट पहाड़ों के नीचे दबे न्यूक्लियर डस्ट को निकालेंगे और उसे नष्ट कर देंगे, चाहे वह ईरान में हो या संयुक्त राज्य अमेरिका में।"

अंतिम विकल्प भी तैयार होने का संकेत

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संदेश के अंत में लिखा, "हम ईरान और पूरे मिडिल-ईस्ट के साथ भविष्य में भी सहयोग करने के लिए तत्पर हैं। आशा है कि यह प्रक्रिया शीघ्र, सरल और सुचारू रूप से संपन्न होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास अंतिम विकल्प है, जिसका उपयोग शायद फिर कभी न करना पड़े!" उनके इस बयान को अमेरिका की कूटनीतिक और सैन्य तैयारी, दोनों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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