दिल्ली
एक घंटा पहले
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विचारों
दिल्ली की सुरक्षा में अभूतपूर्व बंदोबस्त
आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्नैप प्रोटेस्ट, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और खालिस्तानी तत्वों से संभावित खतरों को देखते हुए अपनी कमर कस ली है। लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में लगभग 24 हजार मेहमानों के शिरकत करने का अनुमान है, जिसके चलते सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है।
12 हजार पुलिसकर्मियों का पहरा
लाल किले पर आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समारोह की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के 12 हजार जवानों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। यह पूरी सुरक्षा व्यवस्था दिल्ली पुलिस और अन्य प्रमुख खुफिया एजेंसियों के समन्वय से संचालित की जाएगी। निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लाल किला और उसके आसपास के क्षेत्रों में 1000 से अधिक AI सक्षम CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
आधुनिक तकनीक और कमांडो दस्ते तैनात
सुरक्षा में तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स के माध्यम से भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध हरकतों पर रियल-टाइम निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, पूरे इलाके में एक्सेस कंट्रोल और एंटी-सबोटाज चेकिंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए SWAT कमांडो, स्नाइपर्स, क्विक रिस्पांस टीम (QRT), बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मुस्तैद रखा गया है।
सघन जांच और गश्त
स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत दिल्ली पुलिस वाहनों की गहन जांच और लगातार गश्त सुनिश्चित कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को काफी बढ़ा दिया गया है। लुटियन दिल्ली क्षेत्र के लिए एक विशेष सुरक्षा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। यहाँ सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है, साथ ही चेकिंग प्रक्रिया को भी बेहद सख्त बनाया गया है।
लाल किले पर झंडारोहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे और राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस दौरान सरकार अपने भविष्य के विजन और अब तक की उपलब्धियों को देश के समक्ष रखेगी। वीवीआईपी मूवमेंट और समारोह को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात और पार्किंग की विशेष योजना तैयार की है। लाल किले की ओर जाने वाले मार्गों के लिए अलग से रूट प्लान बनाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और सुरक्षा के मानक पूरे किए जा सकें।
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