सोने के भाव में आई नरमी, चांदी की कीमतों में दूसरे दिन ठहराव: जानें आज के नए दाम व्यापार 7 घंटे पहले 4
मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई, जबकि चांदी के दाम बिना किसी बदलाव के स्थिर बने रहे।

सोने के भाव में आई मामूली गिरावट

खुदरा बाजार में मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती का सीधा असर मंगलवार को भारतीय सर्राफा बाजार पर नजर आया। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के दाम में 200 रुपये की कमी आई, जिसके बाद यह 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सोना 1,49,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह लगातार दूसरे दिन 2,27,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बनी हुई है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि सोने और चांदी के ये भाव सभी प्रकार के टैक्सों को जोड़कर तय किए गए हैं।

पितृ पक्ष का असर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटी) सौमिल गांधी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर मिले कमजोर संकेतों और देश में खुदरा मांग में आई कमी के चलते सोने की कीमतों में यह दबाव देखा जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय परंपराओं में पितृ पक्ष के दौरान लोग नई संपत्ति, आभूषण या सोना जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी करने से परहेज करते हैं, जिसका असर बाजार की गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है।

वैश्विक बाजारों की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल घरेलू बाजार से थोड़ी अलग नजर आई। मंगलवार को वैश्विक बाजारों में हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ 4,149.44 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 61.01 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर बनी रही। मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी हेड प्रवीण सिंह ने बताया कि विदेशी बाजार में सोने का भाव 4,151 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा, जिसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है।

सोने की कीमतों पर आगे का रुख

प्रवीण सिंह के अनुसार, आने वाले समय में भी सोने की कीमतों का उतार-चढ़ाव कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में ही बनी रह सकती हैं। बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बनी रहने के कारण, कीमतों में मामूली गिरावट का रुख देखने को मिल सकता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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