गाजियाबाद में स्कूलों पर बड़ा फैसला, 4 से 12 अगस्त तक कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई रहेगी बंद उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 6
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के कारण प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है, जिसका असर कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों पर पड़ेगा।

गाजियाबाद में स्कूलों का संचालन स्थगित

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से शिक्षा जगत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। कांवड़ यात्रा की तैयारियों और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने 4 अगस्त से 12 अगस्त तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। इस दौरान कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए कक्षाएं स्थगित रहेंगी। प्रशासन ने यह कदम विद्यार्थियों की सुरक्षा और शहर में यातायात की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उठाया है। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि पहले से कोई परीक्षाएं निर्धारित हैं, तो वे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त कॉलेज और तकनीकी संस्थानों पर भी यह आदेश प्रभावी रहेगा।

अन्य जिलों में भी अवकाश की स्थिति

कांवड़ यात्रा का प्रभाव केवल गाजियाबाद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है:

  • बागपत: यहां जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशों के अनुपालन में जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव यादव ने आदेश जारी किया है कि 3 अगस्त से 12 अगस्त तक जनपद के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
  • मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुजफ्फरनगर में 3 अगस्त से 10 अगस्त तक सभी स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने पुष्टि की है कि इसमें प्री-प्राइमरी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के सभी विद्यालय, डिग्री कॉलेज और तकनीकी संस्थान शामिल हैं।
  • मेरठ: मेरठ में भी जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए 3 अगस्त से 12 अगस्त तक सभी शैक्षिक संस्थानों को बंद रखने का फरमान जारी किया है।

कांवड़ यात्रा का महत्व

कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र धार्मिक यात्रा है। सावन के पावन महीने में भगवान शिव के भक्त, जिन्हें 'कांवड़िये' या 'भोले' के नाम से जाना जाता है, पैदल चलकर गंगा जैसी पवित्र नदियों से जल भरते हैं। इस जल को कांवड़ में रखकर वे अपने स्थानीय शिव मंदिरों तक पैदल यात्रा करते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान सड़कों पर बड़ी संख्या में शिव भक्तों का हुजूम देखने को मिलता है, जिसके कारण यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन को सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं। यही कारण है कि कांवड़ियों की सुरक्षा और आमजन की सुविधा के लिए कई जिलों में शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया जाता है ताकि मार्ग पर भीड़ का दबाव कम रहे।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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