जर्मनी बना चौथी बार पुरुष हॉकी वर्ल्ड चैंपियन, पाकिस्तान के बड़े रिकॉर्ड के बराबर पहुंची टीम खेल एक घंटा पहले 3
फाइनल मुकाबले में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से मात देकर चौथी बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ जर्मनी ने पाकिस्तान के चार खिताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

फाइनल में जर्मनी का दबदबा

फाइनल मुकाबले में एक गोल की बढ़त को अंत तक बरकरार रखना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम होता है, लेकिन जर्मनी ने अपने अडिग डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए इस काम को बखूबी अंजाम दिया। FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के निर्णायक मुकाबले में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 के अंतर से मात देकर चौथी बार वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस बड़ी जीत के साथ ही जर्मनी ने पाकिस्तान के नाम दर्ज चार वर्ल्ड कप खिताब जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

बेल्जियम के वावरे में आयोजित इस खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। मैच के पहले हाफ में जर्मनी और स्पेन दोनों ने गोल करने के कई प्रयास किए लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। शुरुआती 15 मिनट के खेल में दोनों टीमों को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल हुआ, हालांकि कोई भी टीम उसे गोल में बदलने में कामयाब नहीं हो सकी।

मैच का निर्णायक मोड़

तीसरे क्वार्टर के दौरान स्पेन ने जर्मनी के डिफेंस पर खासा दबाव बनाया और लगातार हमले जारी रखे। स्पेन ने इस दौरान जर्मन गोल पोस्ट पर कुल 10 बार हमले किए, लेकिन जर्मनी की रक्षा पंक्ति ने हर बार उनके इरादों को नाकाम कर दिया। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल 44वें मिनट में माइकल स्ट्रुथॉफ ने किया। जर्मनी के खिलाड़ियों ने मैदान के दोनों फ्लैंक से बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए यह हमला तैयार किया था। दाईं ओर से मिले शानदार पास को माइकल ने सफलतापूर्वक गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। बढ़त मिलने के बाद स्पेन ने बराबरी करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। मैच के आखिरी मिनटों में स्पेन ने अपने गोलकीपर को हटाकर एक अतिरिक्त आक्रामक खिलाड़ी को मैदान पर उतारा, लेकिन जर्मनी का डिफेंस किसी अभेद्य दीवार की तरह खड़ा रहा।

इतिहास के पन्नों में जर्मनी

इस खिताबी जीत के बाद जर्मनी अब पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे अधिक बार खिताब जीतने वाली टीमों की सूची में पाकिस्तान के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर आ गया है। जर्मनी ने इससे पूर्व 2002 में कुआलालंपुर, 2006 में मोनशेनग्लाडबाख और 2023 में भुवनेश्वर में वर्ल्ड कप का ताज पहना था। वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने 1971, 1978, 1982 और 1994 में कुल चार बार यह खिताब जीता था। स्पेन की टीम लंबे अंतराल के बाद वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। स्पेन ने इससे पहले 1998 में फाइनल खेला था और यह उनका कुल तीसरा फाइनल था, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन बनने का उनका सपना इस बार फिर अधूरा रह गया।

फाइनल का सफर और अन्य परिणाम

स्पेन ने सेमीफाइनल मुकाबले में सह-मेजबान नीदरलैंड्स को 4-3 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं, जर्मनी ने वावरे में खेले गए सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2-1 के स्कोर से मात दी थी। टूर्नामेंट के ब्रॉन्ज मेडल मैच में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को एक रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराकर पदक हासिल किया। इससे पहले महिला हॉकी वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने 29 अगस्त को खिताब जीतकर नीदरलैंड्स के वर्चस्व को चुनौती दी थी। इस वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन भी उनके सर्वश्रेष्ठ प्रयासों में से एक रहा।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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