पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
2
विचारों
आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने राज्य में चल रहे एक आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस अभियान के तहत हावड़ा के बेलिलियस रोड इलाके से आदित्य सिंह नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, आदित्य बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है और अपने परिवार के साथ मिलकर व्यापार में भी मदद करता था। इस गिरफ्तारी की कड़ियाँ इससे पहले पकड़े गए हामिम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार से जुड़ी हुई हैं। इन दोनों से हुई पूछताछ के दौरान ही आदित्य का नाम सामने आया था।
मंत्री के परिवार पर थी साजिश की नजर
जांच एजेंसी ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आदित्य सीधे तौर पर हामिम मंडल का करीबी था। उसने अपनी असली पहचान को गुप्त रखा और पूरी चालाकी के साथ आतंकी नेटवर्क के लिए काम करना जारी रखा। जांच में यह सामने आया है कि आदित्य ने राज्य के शहरी विकास राज्यमंत्री उमेश राय और उनके परिजनों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की। उसने मंत्री के दैनिक कार्यक्रमों और निजी जानकारियों को हामिम और अर्पिता तक पहुँचाने का काम किया। एजेंसी का यह भी दावा है कि मंत्री के बेटे को हनीट्रैप के जाल में फंसाकर उसके अपहरण की साजिश रची जा रही थी, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है।
ऑनलाइन गेम से कैसे फैला जाल
इस पूरे मामले में एक हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि इन लोगों का संपर्क कैसे हुआ। शुरुआती जांच से पता चला है कि आदित्य और हामिम की पहली मुलाकात एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे वे एक-दूसरे के संपर्क में आए और बातों का सिलसिला बढ़ा। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस दौरान आदित्य को सुनियोजित तरीके से कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेला गया। धीरे-धीरे वह पूरी तरह से इस नेटवर्क के प्रभाव में आ गया और उनके लिए निगरानी रखने व जानकारी साझा करने जैसे काम करने लगा।
सबूतों की तलाश और फॉरेंसिक जांच
एसटीएफ इस पूरे मामले को काफी बड़ा मान रही है। अधिकारियों का मानना है कि हामिम, अर्पिता और आदित्य की गिरफ़्तारियां सिर्फ एक शुरुआत हो सकती हैं, और इस आतंकी नेटवर्क की जड़ें बहुत गहरी हैं। फिलहाल टीम ने उसके पास से एक iPhone बरामद किया है। इस फोन के अलावा अन्य जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस, चैट हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके।
अदालत और भविष्य की कार्रवाई
गिरफ्तारी के अगले दिन, यानी सोमवार को आदित्य सिंह को बर्धमान जिला अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ ने पुलिस पूछताछ के लिए 14 दिनों की हिरासत की मांग की थी, जिस पर अदालत ने 12 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर की। अब उसे 14 अगस्त को दोबारा अदालत में लाया जाएगा। उसके खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों से संबंधित गंभीर कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में एसटीएफ की टीमें राज्य के अन्य जनप्रतिनिधियों पर संभावित खतरों और नेटवर्क के छिपे हुए सदस्यों की तलाश में जुटी हैं। मामले में आने वाले समय में और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
Comments
0 comment