फीफा वर्ल्ड कप 2026: पराग्वे के साथ ड्रॉ खेलकर ऑस्ट्रेलिया नॉकआउट में, तुर्की से हारने के बाद भी USA ग्रुप में शीर्ष पर खेल 2 महीने पहले 77
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हुए ग्रुप डी के रोमांचक मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया ने नॉकआउट राउंड में अपनी जगह सुरक्षित कर ली है, वहीं अमेरिका हार के बावजूद ग्रुप में नंबर एक पर रहा।

ऑस्ट्रेलिया की नॉकआउट में एंट्री

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप डी के अंतिम दौर के मुकाबलों में फुटबॉल प्रेमियों को काफी रोमांचक खेल देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पराग्वे के खिलाफ एक कड़ा संघर्ष किया, जो अंततः 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इस परिणाम के बाद ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली है। ऑस्ट्रेलियाई टीम, जिसे सॉकरूज़ के नाम से भी जाना जाता है, को नॉकआउट में जाने के लिए केवल एक ड्रॉ की दरकार थी। सैंटा क्लारा में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। यह सातवीं बार है जब ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही है और तीसरी बार टीम नॉकआउट चरण में प्रवेश करने में सफल रही है।

पराग्वे का संघर्ष और ऑस्ट्रेलिया का दबदबा

मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने लंबे समय तक गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और गोल करने के लिए कई मौके भी बनाए। क्रिस्टियन वोल्पातो और जैक्सन इरविन ने लगातार पराग्वे के गोलकीपर कार्लोस कोरोनेल की परीक्षा ली। मैच के अंतिम क्षणों में जॉर्डन बॉस ने गोल के बेहद करीब पहुंचकर दो शानदार मौके गंवा दिए, जिससे ऑस्ट्रेलिया को बढ़त बनाने का अवसर नहीं मिला। दूसरी ओर, पराग्वे को अगले दौर में बने रहने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना अनिवार्य था, लेकिन टीम कोई भी ठोस हमला करने में विफल रही। जूलियो एनसीसो पूरी टीम की तरफ से सबसे आक्रामक खिलाड़ी साबित हुए, लेकिन उन्हें अन्य साथियों का पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। बिना किसी गोल के मैच समाप्त होने के बाद ऑस्ट्रेलिया तो अगले दौर में पहुंच गया, लेकिन पराग्वे की किस्मत अब अन्य ग्रुपों के परिणामों पर टिकी है।

तुर्की की जीत और अमेरिका का ग्रुप में शीर्ष स्थान

एक अन्य मैच में संयुक्त राज्य अमेरिका का सामना तुर्की से हुआ। हालांकि इस रोमांचक मुकाबले में अमेरिका को 3-2 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद वे ग्रुप डी में शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। अमेरिका के कोच मॉरिसियो पोचेत्तीनो ने नॉकआउट राउंड को देखते हुए अपनी शुरुआती टीम में कुल 9 बदलाव किए थे। मैच की शुरुआत मेजबान टीम के लिए बेहद शानदार रही। खेल के तीसरे मिनट में ही सेबास्टियन बेरहॉल्टर के कॉर्नर पर ऑस्टन ट्रस्टी ने बेहतरीन हेडर लगाकर अमेरिका को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, तुर्की ने भी हार नहीं मानी और सात मिनट बाद अरदा गुलर ने गोल कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

मैच का रोमांचक अंत

मैच के 31वें मिनट में एरेन एलमाली की एक शानदार दौड़ ने अमेरिकी डिफेंस को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया। इस मूव को अंजाम देते हुए बारिश अलपर यिलमाज ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर तुर्की को 2-1 से आगे कर दिया। दूसरे हाफ की शुरुआत में अमेरिका ने वापसी का प्रयास किया और 49वें मिनट में बेरहॉल्टर ने खुद गोल कर स्कोर को 2-2 कर दिया। यह इस मैच में बेरहॉल्टर का दूसरा बड़ा योगदान था। इसके बाद करीब एक घंटे के खेल के बाद क्रिश्चियन पुलिसिक मैदान पर उतरे, जो पिंडली की चोट के कारण बाहर चल रहे थे। उनके आने से अमेरिकी टीम के हमले में नई ऊर्जा दिखी। 63वें मिनट में पुलिसिक ने एक शॉट मारा लेकिन ब्रेंडन आरोनसन रिबाउंड को गोल में नहीं बदल सके। अंत में, अतिरिक्त समय के 8वें मिनट में कान आयहान ने गोल दागकर तुर्की को 3-2 से जीत दिलाई। इससे पहले एलेक्स फ्रीमैन ने गोल लाइन पर एक अद्भुत बचाव किया था, लेकिन रिबाउंड पर तुर्की की टीम भारी पड़ी। तुर्की पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है, लेकिन जीत के साथ उन्होंने अपने अभियान का समापन किया।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप