Who Is Vozinha: कुछ ही घंटों में 50 हजार से 3 मिलियन पहुंचे फॉलोअर्स, कौन हैं वोजिन्हा? 40 की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप में किया डेब्यू खेल 2 महीने पहले 163
केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने 40 साल की उम्र में फीफा वर्ल्ड कप में पदार्पण करते हुए स्पेन के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और रातोंरात दुनियाभर में मशहूर हो गए। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 50 हजार से बढ़कर 3 मिलियन से ज्यादा पहुंच गई।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को स्पेन के सामने मैदान पर उतरने से पहले वोजिन्हा को सिर्फ केप वर्डे के फुटबॉल प्रशंसक और पुर्तगाली क्लब फुटबॉल के चाहने वाले ही पहचानते थे। लेकिन केप वर्डे और स्पेन के बीच चौंकाने वाले 0-0 के ड्रॉ के कुछ ही घंटों बाद इस अनुभवी गोलकीपर ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लगातार फॉलो करने लगे और उनके प्रशंसकों की संख्या रातोंरात कई गुना बढ़ गई।

स्पेन के खिलाफ इस मैच में वोजिन्हा ने सात बेहतरीन बचाव किए। बीबीसी स्पोर्ट के अनुसार, उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या पहले 50,000 थी, जो महज एक दिन में बढ़कर 31 लाख से ज्यादा हो गई। फॉलोअर्स में हुई इस जबरदस्त उछाल ने 40 साल के वोजिन्हा को टूर्नामेंट के सबसे चर्चित उभरते सितारों में शामिल कर दिया और केप वर्डे की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे खड़े इस खिलाड़ी को लेकर दुनियाभर में दिलचस्पी पैदा कर दी।

कौन हैं वोजिन्हा?

वोजिन्हा का असली नाम जोसिमार जोस एवोरा डियास है, लेकिन प्रशंसक उन्हें इसी उपनाम से जानते हैं। इस अनुभवी गोलकीपर का जन्म केप वर्डे के मिंडेलो में हुआ। वर्ल्ड कप तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। उन्होंने केप वर्डे, मोल्दोवा, रोमानिया, साइप्रस और पुर्तगाल में सालों तक अपने करियर को निखारा। 40 साल की उम्र में अब जाकर उन्हें वह पहचान मिली है जिसके वे हकदार थे। वे लगातार अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते रहे और केप वर्डे के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक बन गए।

पुर्तगाली क्लब चावेस के लिए खेल रहे वोजिन्हा करीब 15 साल के अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ इस टूर्नामेंट में पहुंचे थे। वे 2012 से केप वर्डे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले कभी फुटबॉल के इस सबसे बड़े मंच पर नहीं उतरे थे।

स्पेन के खिलाफ बने हीरो

अगर किसी को यह आशंका थी कि इतना बड़ा मौका वोजिन्हा पर भारी पड़ सकता है, तो उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह गलतफहमी पूरी तरह दूर कर दी। ग्रुप एच के इस मुकाबले में स्पेन ने पूरे समय गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और कई मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं कर सका। पहले हाफ के अंत में फेरान टोरेस ने नजदीक से शॉट मारा, जो क्रॉसबार से टकरा गया। इसके बाद वोजिन्हा ने मिकेल ओयारजाबाल के हेडर को बार के ऊपर से बाहर निकाल दिया।

ब्रेक के बाद भी स्पेन का दबाव बना रहा। टोरेस को एक बार फिर गोल करने से रोका गया और आयमेरिक लापोर्ट भी इस मजबूत दीवार को भेद नहीं पाए। फुल टाइम तक वोजिन्हा ने कुल सात बचाव किए।

40 की उम्र में रचा इतिहास

यह नतीजा केप वर्डे के लिए ऐतिहासिक रहा, लेकिन उनके गोलकीपर के लिए भी यह एक यादगार रात साबित हुई। 40 साल की उम्र में वोजिन्हा वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे ज्यादा उम्र में सिर्फ मिस्र के पूर्व गोलकीपर एस्साम एल हदरी ने 2018 के टूर्नामेंट में 45 साल की उम्र में पदार्पण किया था।

यह कामयाबी 2012 में शुरू हुए उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। अब तक 90 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके वोजिन्हा केप वर्डे के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में से एक बन चुके हैं।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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