अशून्य शयन द्वितीया: दांपत्य सुख और आपसी प्रेम बढ़ाने के लिए अपनाएं ये विशेष उपाय धर्म एक घंटा पहले 5
28 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली अशून्य शयन द्वितीया पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता लाने का एक विशेष पर्व है, इस दिन किए गए उपाय वैवाहिक जीवन को सुखद और समृद्ध बनाते हैं।

अशून्य शयन द्वितीया का महत्व

चातुर्मास के दौरान हर महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को अशून्य शयन द्वितीया का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष यह व्रत 28 सितंबर 2026 को संपन्न किया जाएगा। इस व्रत का मुख्य उद्देश्य वैवाहिक जीवन में प्रेम और आपसी सामंजस्य को बनाए रखना है। नाम से ही स्पष्ट है, अशून्य शयन का अर्थ है कि पति और पत्नी का साथ कभी न छूटे और उन्हें जीवन में कभी अकेलेपन का सामना न करना पड़े। यह व्रत पति और पत्नी दोनों की लंबी आयु और उनके अटूट बंधन को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

पूजा और व्रत विधि

अशून्य शयन द्वितीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को चंद्रमा के उदय होने के बाद ही अपना उपवास खोलते हैं। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 1 मिनट निर्धारित है। आइए जानते हैं कि आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन कौन से विशेष उपाय करके आप अपने दांपत्य जीवन को सुखद बना सकते हैं।

सुखद वैवाहिक जीवन के लिए विशेष उपाय

  • दांपत्य जीवन को मजबूती देने के लिए: स्नान के बाद एक कटोरी में थोड़ा पीला चंदन घिसें। इससे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को तिलक लगाएं। इसके बाद उसी चंदन से अपने और अपने जीवनसाथी के मस्तक पर तिलक लगाएं।
  • पारिवारिक सौभाग्य के लिए: एक सौभाग्य पोटली बनाएं जिसमें 5 मुखी रुद्राक्ष, साबुत हल्दी, गोमती चक्र, एक कौड़ी और गुंजाफल के दाने रखें। पूजा के दौरान इसे भगवान के पास रखें और बाद में अपने घर के मंदिर में स्थापित कर दें।
  • प्रेम बढ़ाने के लिए: सात तुलसी के पत्तों पर थोड़ा चीनी का बताशा रखकर भगवान विष्णु को अर्पित करें।
  • मान-सम्मान और वैभव वृद्धि हेतु: स्नान के बाद मीठी पूड़ियों का चूरमा बनाएं और इसे पक्षियों को खिलाएं। साथ ही, पक्षियों के लिए एक मिट्टी के बर्तन में पानी रखें। ध्यान रहे कि कबूतरों को यह चूरमा और पानी नहीं देना है।
  • जीवनसाथी के व्यवहार को नरम बनाने के लिए: विष्णु जी की तस्वीर के पास मौली रखें और आसन पर बैठकर 21 बार 'ऊँ नमो भगवते लक्ष्मी नारायणाय' मंत्र का जाप करें। पूजा के बाद मौली के दो धागे निकालकर एक अपने और एक अपने जीवनसाथी के दायें और बायें हाथ की अनामिका उंगली में बांधें। इसे अगले दिन तुलसी के नीचे रख दें।
  • अनबन दूर करने के लिए: यदि रिश्ते में खटास आ गई है, तो लक्ष्मी-नारायण के समक्ष घी का दीपक जलाकर रिश्ते में सुधार के लिए प्रार्थना करें।
  • विवाह बंधन मजबूत करने हेतु: यदि शादी को कुछ ही वर्ष हुए हैं और बंधन कमजोर महसूस हो रहा है, तो दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें।
  • आपसी विश्वास के लिए: अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर तुलसी के पौधे में जल दें और माता लक्ष्मी को खोये की मिठाई का भोग लगाएं।
  • रिश्ते में मधुरता के लिए: एक इत्र की शीशी को भगवान विष्णु के चरणों में रखें। पूजा के बाद इसे उठाकर अपने पास रखें और रोज स्नान के बाद उपयोग करें।
  • घर की कलह मिटाने के लिए: सोते समय अपने सिरहाने कपूर की 2 टिकियाँ रखें और अगले दिन उन्हें घर की दक्षिण दिशा में जला दें।
  • व्यापार में जीवनसाथी का सहयोग पाने के लिए: दूध और चावल की खीर में केसर और इलायची डालकर भगवान को भोग लगाएं। इसके बाद खुद भी खाएं और जीवनसाथी को भी प्रसाद के रूप में खिलाएं।
  • गलतफहमियां दूर करने के लिए: विष्णु मंदिर जाएं और वहां रोली, चंदन व पुष्प से पूजा करते हुए भगवान को एकाक्षी नारियल अर्पित करें।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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