'पीओके में जनता पर भारी जुल्म ढाया जा रहा, यूएन की टीम वहां जाकर हालात देखे', फारूक अब्दुल्ला की मांग जम्मू-कश्मीर 2 घंटे पहले 3
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोगों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए संयुक्त राष्ट्र से वहां का दौरा कर जांच करने की अपील की है। पीओके में चार दिन से प्रदर्शन जारी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आम लोगों पर भारी जुल्म ढाया जा रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से पीओके का दौरा करने की अपील भी की है।

जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि यह इलाका इस समय बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, "वहां बहुत जुल्म हो रहा है। कई लोग शहीद हो चुके हैं और वहां की पूरी खबरें तक सामने नहीं आ पा रही हैं।"

फारूक अब्दुल्ला ने आगे कहा, "मेरी अपील है कि संयुक्त राष्ट्र संगठन के लोग वहां जाएं और खुद देखें कि वहां के लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ताकि हमें और पूरी दुनिया को यह पता चल सके कि वहां के लोग किन मुसीबतों से गुजर रहे हैं। इसीलिए मैं यूएनओ से गुजारिश कर रहा हूं कि वे वहां जाकर पूरी तहकीकात करें।"

पीओके में चार दिन से जारी है प्रदर्शन

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बीते चार दिन से प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए गोलीबारी की गई, जिसमें अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। इस दौरान रावलकोट से मुजफ्फराबाद तक कैंडल मार्च निकाला गया। बिगड़ते हालात को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यहां 27 लोगों की मौत हुई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

बेहतर शासन और आर्थिक राहत की उठी मांग

जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी नाम के एक नागरिक संगठन के नेतृत्व में पीओके में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बेहतर शासन, आर्थिक राहत और राजनीतिक अधिकार शामिल हैं। पाकिस्तानी प्रशासन ने जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।

7-8 जून को रावलकोट में हिंसक झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस और रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर दी। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें 11 से ज्यादा लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए। मुजफ्फराबाद और दूसरे हिस्सों में हुए प्रदर्शनों में 1.5 लाख लोग शामिल हुए।

ये प्रदर्शन शुरुआत में बिजली, सड़कें, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसे स्थानीय मुद्दों को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन अब ये पाकिस्तान के खिलाफ व्यापक नाराजगी का रूप ले चुके हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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