दिवाली की रात सड़कों पर पड़ी इन चीजों से रहें सावधान, कहीं अनजाने में न हो जाए कोई अनहोनी हरियाणा एक घंटा पहले 5
दिवाली की रात तंत्र-मंत्र के लिए चौराहों पर रखी गई चीजों को लेकर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। जानें कि यदि गलती से आप इन्हें लांघ जाएं तो क्या उपाय करने चाहिए।

दिवाली पर तंत्र क्रियाओं का खतरा

दिवाली का त्योहार खुशियों और रोशनी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस रात कुछ लोग अपनी नकारात्मक ऊर्जा या समस्याओं को दूर करने के लिए तांत्रिक क्रियाओं का सहारा लेते हैं। फरीदाबाद के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, दिवाली और छोटी दिवाली के दौरान चौराहों या रास्तों पर नींबू, सिंदूर, फूल और सूखी मिर्च जैसी चीजें दिखाई देना आम बात है। कई बार लोग अनजाने में इन वस्तुओं को लांघकर निकल जाते हैं, जिसके बाद उनके मन में डर पैदा हो जाता है कि कहीं उनके साथ कोई बुरा न हो जाए।

तांत्रिक चीजों को लांघने का असर

अक्सर सड़कों पर पड़ी ये वस्तुएं तांत्रिक अनुष्ठान का हिस्सा होती हैं। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपना कष्ट किसी दूसरे पर नहीं डालना चाहिए। दूसरों को परेशानी में डालकर अपनी समस्याएं हल करने का प्रयास करना नैतिक रूप से गलत है। यदि कोई अनजाने में इन वस्तुओं के ऊपर से पैर रख देता है, तो इसे एक प्रकार का नकारात्मक प्रभाव माना जाता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कुछ सरल उपाय अपनाकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

सावधानी और उपाय

दिवाली की रात घर से निकलते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि आप रास्ते में कहीं भी संदिग्ध वस्तुएं देखते हैं, तो उनसे दूरी बनाकर निकलना ही सबसे बेहतर है। यदि गलती से ऐसी किसी तांत्रिक वस्तु को लांघ लिया जाए, तो महंत के सुझावों को ध्यान में रखते हुए मानसिक शांति और सकारात्मकता पर ध्यान देना आवश्यक है।

  • दूरी बनाए रखें: सड़क के चौराहों पर पड़ी अजीबोगरीब वस्तुओं से हमेशा बचकर निकलें।
  • नकारात्मकता से बचाव: किसी भी अनजान वस्तु को हाथ न लगाएं और न ही उस पर पैर रखें।
  • नकारात्मक प्रभाव को कम करना: यदि अनजाने में ऐसा हो जाए, तो घर आकर शुद्ध जल से स्नान करना और इष्ट देव का ध्यान करना लाभकारी होता है।
  • नैतिकता का ध्यान: किसी दूसरे का बुरा सोचकर तंत्र-मंत्र करना समाज के लिए हानिकारक है।

कुल मिलाकर, दिवाली के दिन सतर्कता और सकारात्मक सोच ही आपको किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा सकती है। ऐसी क्रियाओं में विश्वास रखने के बजाय त्योहार को पूरी श्रद्धा और सात्विकता के साथ मनाना चाहिए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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