गाजियाबाद में खौफनाक साजिश: यूट्यूब पर मर्डर प्लान देखकर प्रेमिका ने बहन संग मिलकर ली प्रेमी की जान, ऐसे खुला सनसनीखेज राज क्राइम 3 महीने पहले 126
गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी में हुई जाकिर की मौत का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। खुदकुशी दिखने वाली यह घटना असल में एक सुनियोजित हत्या थी, जिसे उसकी प्रेमिका ने अपनी बहन के साथ मिलकर अंजाम दिया था।

गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों और भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। जिसे लोग पहली नजर में एक प्रेमी की खुदकुशी समझ रहे थे, वह दरअसल ठंडे दिमाग से रची गई एक खौफनाक हत्या की साजिश थी। 23 जून 2026 को पूजा कॉलोनी में जाकिर नाम के एक शख्स की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने जब गहराई से तफ्तीश की तो जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए। जाकिर की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी प्रेमिका किरण ने अपनी बहन कशिश के साथ मिलकर की थी और इस पूरी वारदात को खुदकुशी का रूप देने की कोशिश की थी।

शुरुआती कहानी: खुदकुशी का ड्रामा और घड़ियाली आंसू

घटना वाले दिन यानी 23 जून 2026 को गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी की पूजा कॉलोनी में चीख-पुकार मच गई। जाकिर का शव जमीन पर पड़ा था और उसके गले में एक गमछे का फंदा कसा हुआ था। उसके पास खड़ी उसकी प्रेमिका किरण बुरी तरह रो रही थी और चिल्ला-चिल्लाकर पड़ोसियों को इकट्ठा कर रही थी। किरण का कहना था कि जाकिर ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी है। उस वक्त वहां किरण के साथ उसकी छोटी बहन कशिश भी मौजूद थी। किरण ने नाटक को सच दिखाने के लिए तुरंत जाकिर के भाई को भी फोन किया और रोते हुए बताया कि जाकिर ने खुदकुशी कर ली है।

इसके बाद किरण ने बिना वक्त गंवाए एक ऑटो वाले को बुलाया और पड़ोसियों की मदद से जाकिर के शरीर को अस्पताल ले गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जाकिर को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शुरुआत में हर किसी को यही लग रहा था कि यह खुदकुशी का ही मामला है, लेकिन पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आते ही पूरी कहानी पलट गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला राज: हत्या का खुलासा

जाकिर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुलिस के सामने चौंकाने वाले तथ्य रखे। रिपोर्ट से साफ हो गया कि जाकिर की मौत फंदे पर लटकने से नहीं, बल्कि गला दबाने के कारण हुई थी। इसके अलावा, जाकिर के सिर पर किसी भारी चीज से वार किए जाने के निशान भी मिले थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक गहरा गया।

पुलिस ने तुरंत इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। शक की सुई किरण और उसकी बहन कशिश पर घूम गई। जब पुलिस ने दोनों बहनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की, तो उनकी कहानियों में बड़े विरोधाभास नजर आए। पुलिस की सख्ती के आगे दोनों बहनें ज्यादा देर टिक नहीं पाईं। सबसे पहले कशिश टूट गई और उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि उन दोनों बहनों ने मिलकर जाकिर की जान ली है। इसके बाद किरण ने भी अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।

अवैध संबंध, बदनीयती और मर्डर की वजह

पुलिस पूछताछ में इस खौफनाक हत्याकांड की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली थी। जाकिर पहले से ही शादीशुदा था और उसकी पत्नी तथा बच्चे रामपुर में रहते थे। दूसरी तरफ, किरण भी शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे थे। इन बच्चों में 9 और 11 साल के दो बेटे और एक 13 साल की बेटी शामिल थी। किरण अपने पति को छोड़कर जाकिर के साथ रहने लगी थी। जाकिर ने अपनी ही पड़ोस में किरण के लिए एक कमरा किराए पर दिलाया था और दोनों अक्सर साथ रहने लगे थे।

किरण ने पुलिस को बताया कि जाकिर की नजर उसकी 13 साल की नाबालिग बेटी पर खराब थी। वह उसे गंदी नजरों से देखता था और धीरे-धीरे उसने किरण की बेटी को गलत तरीके से छूना भी शुरू कर दिया था। जब किरण को इस बात का पता चला, तो दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। जाकिर की बदतमीजियां और ज्यादती लगातार बढ़ती जा रही थी। अपनी बेटी को सुरक्षित रखने और जाकिर से छुटकारा पाने के लिए किरण ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

यूट्यूब से सीखा कत्ल का तरीका: ऐसे बनाया खौफनाक प्लान

जाकिर को ठिकाने लगाने के लिए किरण ने अपनी छोटी बहन कशिश को साजिश में शामिल किया। उसने कशिश को अपने घर बुलाया और अपनी परेशानी बताते हुए हत्या का पूरा प्लान समझाया। कत्ल को इस तरह अंजाम देना था कि किसी को शक न हो और पुलिस इसे खुदकुशी मान ले। इसके लिए दोनों बहनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब की मदद ली। उन्होंने यूट्यूब पर कई क्राइम सीन और मर्डर से जुड़े वीडियो देखे।

दोनों ने बारीकी से यह समझा कि हत्या करने के बाद उसे आत्महत्या का रूप कैसे दिया जाए। जब उनका पुख्ता प्लान तैयार हो गया, तो उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए 23 जून की तारीख तय की। योजना के मुताबिक, हत्या के बाद दोनों बहनों को अपने गांव भाग जाना था।

साजिश को अंजाम: कैब बुकिंग से लेकर पंखे के ब्लेड मोड़ने तक

तय तारीख को किरण ने सबसे पहले जाकिर के ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके एक कैब बुक की। उसने अपने बच्चों से कहा कि वे लोग बाहर घूमने जा रहे हैं। जैसे ही कैब दरवाजे पर आई, किरण ने बच्चों को बाहर भेजकर कार में बैठने को कह दिया ताकि घर के अंदर कोई गवाह न रहे। बच्चों के बाहर जाते ही किरण ने कमरे में रखे एक डंडे से जाकिर के सिर पर पूरी ताकत से हमला कर दिया।

अचानक हुए वार से जाकिर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद दोनों बहनों ने पहले से तैयार गमछे का फंदा जाकिर के गले में डाल दिया और उसे कसने लगीं। उनका इरादा जाकिर के शव को छत के पंखे से लटकाने का था, लेकिन जाकिर का वजन अधिक होने के कारण वे उसे ऊपर नहीं उठा पाईं। ऐसे में अपनी साजिश को खुदकुशी का रूप देने के लिए उन्होंने एक और चाल चली। उन्होंने पंखे के ब्लेड्स को नीचे की तरफ मोड़ दिया, ताकि पुलिस और पड़ोसियों को लगे कि जाकिर पंखे पर लटका था, लेकिन वजन अधिक होने के कारण पंखा मुड़ गया और वह नीचे गिर गया।

इस साजिश को पूरा करने के बाद किरण ने रोना-चीखना शुरू किया और पड़ोसियों को इकट्ठा कर लिया। हालांकि, दोनों बहनों की यह चालाकी वैज्ञानिक जांच और पुलिस की मुस्तैदी के आगे नाकाम साबित हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप