पूर्वी चंपारण में पुलिस की बड़ी शर्मिंदगी, तस्करों से 12 लाख और सोने की चेन लेकर मामला दबाने की कोशिश बिहार एक घंटा पहले 2
बिहार के पूर्वी चंपारण में ड्रग्स तस्करों से मिलीभगत का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस अधिकारी केस रफा-दफा करने के बदले रिश्वत ले रहे थे। एसपी की सख्ती के बाद अब पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है।

तस्करी के नेटवर्क के बजाय रिश्वत पर पुलिस की नजर

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां अपराध रोकने के लिए तैनात पुलिसकर्मी ही खुद भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए। मोतिहारी में पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने ड्रग्स तस्करों को बचाने के लिए उनसे मोटी रकम और गहने वसूलने का काम किया। पुलिस की यह कोशिश तब नाकाम हो गई, जब पूरे मामले की जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात तक पहुंच गई।

क्या है पूरा मामला

बीते दिनों पुलिस ने 4 तस्करों को गिरफ्तार किया था, जो ड्रग्स बेचकर पटना की ओर जा रहे थे। इन तस्करों के पास से लगभग 41 लाख रुपये बरामद हुए थे। पकड़े गए तस्करों में कृष्णा सहनी, सुभाष कुमार, और नेपाल के बारा के रहने वाले दीपेश कुमारप्रज्ज्वल सहनी शामिल थे। कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, पुलिस ने कथित तौर पर तस्करों के साथ सौदा किया। समझौते के तहत पुलिस ने तस्करों से 12 लाख रुपये नकद और एक सोने की चेन लेकर मामले को दबाने की योजना बनाई थी।

एसपी की फटकार और अब जांच की आंच

मामले की जानकारी मिलते ही एसपी स्वर्ण प्रभात ने संबंधित थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद थाने में तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज की गई और ड्रग्स तस्करी से जुड़े रुपयों को जब्त कर लिया गया। अब यह मामला राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और इसकी गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने जांच शुरू कर दी है। जांच के दायरे में एक उच्च पदस्थ वर्दीधारी अधिकारी और थाना अध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी आ गए हैं।

जनता में आक्रोश

इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को अपराधियों से साठ-गांठ करने के बजाय तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल बड़े माफियाओं का पर्दाफाश करना चाहिए था। फिलहाल, यह घटना चर्चा का विषय है कि जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय पुलिसकर्मी किस तरह पैसों के लालच में अपनी ड्यूटी से भटक रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!