जापान में भूकंप का जोरदार प्रहार: 5.7 की तीव्रता से थरथराई धरती, 22 लोग जख्मी विश्व 13 घंटे पहले 13
जापान के शिजुओका और आइची प्रांतों में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 22 लोग घायल हो गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों में बुलेट ट्रेनों की गति को भी नियंत्रित कर दिया गया है।

जापान में भूकंप का कहर

जापान के कई हिस्से रविवार को एक शक्तिशाली भूकंप के झटकों से दहल गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण व्यापक पैमाने पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई दुकानों के शीशे टूटकर बिखर गए और आम नागरिक अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर सड़कों पर दौड़ पड़े। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में कम से कम 22 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो भूकंप के झटकों के दौरान हड़बड़ाहट में सीढ़ियों से गिर गए थे।

तीव्रता और एजेंसियां

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS ने इसकी तीव्रता 5.5 दर्ज की है। मुख्य भूकंप के झटके के बाद उस क्षेत्र में कई बार आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिसने लोगों में दहशत का माहौल बनाए रखा।

कब और कहां आया भूकंप

यह भूकंप रविवार तड़के स्थानीय समय अनुसार 1 बजकर 4 मिनट पर दर्ज किया गया। इस भूकंप का केंद्र शिजुओका प्रांत में जमीन के करीब 40 किलोमीटर नीचे स्थित था। भूकंप का सबसे भीषण असर आइची प्रांत में देखने को मिला। चूँकि शिजुओका और आइची आपस में सटे हुए पड़ोसी प्रांत हैं, इसलिए दोनों जगहों पर झटकों की गंभीरता अधिक थी। इसके अतिरिक्त क्योटो, नारा, यामानाशी और गिफू प्रांतों में भी झटके महसूस किए गए। ज्ञात हो कि यामानाशी प्रांत में ही प्रसिद्ध माउंट फूजी स्थित है।

सड़कों पर बिखरा कांच और प्रभावित सेवाएं

जापानी टीवी चैनलों द्वारा दिखाई गई फुटेज में तबाही के साफ निशान देखे जा सकते हैं, जहां दुकानों के कांच टूटकर रास्तों पर बिखरे पड़े थे। कई किताबों की दुकानों में अलमारियां गिरने से अव्यवस्था फैल गई और किताबें फर्श पर बिखर गईं। एहतियात बरतते हुए रेलवे प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों की गति धीमी कर दी थी, ताकि पटरियों को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जापान अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां अक्सर इस प्रकार की भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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