विजयादशमी पर रावण दहन की राख और अधजली लकड़ी के खास उपाय, घर की सुख-समृद्धि के लिए ऐसे करें इस्तेमाल धर्म 7 घंटे पहले 3
विजयादशमी के पावन पर्व पर रावण दहन के बाद बची राख और अधजली लकड़ी को कई लोग विशेष मानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों का उपयोग घर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने और धन में बरकत लाने के लिए किया जाता है।

विजयादशमी का धार्मिक महत्व और रावण दहन

बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाने वाला विजयादशमी का पर्व पूरे भारतवर्ष में बड़े उत्साह और उल्लास के साथ आयोजित होता है। इस दिन देशभर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों को जलाकर सत्य की असत्य पर विजय का जश्न मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र में विजयादशमी को एक अत्यंत प्रभावशाली और स्वयं सिद्ध मुहूर्त माना गया है।

राख और अधजली लकड़ी लाने की परंपरा

विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन के उपरांत बची हुई ठंडी राख और अधजली लकड़ी को घर लाना काफी शुभ माना जाता है। हरिद्वार के पंडित उमाशंकर वशिष्ठ के अनुसार, यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसके पीछे कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। लोग दहन स्थल से इन चीजों को श्रद्धापूर्वक अपने घर लाते हैं, ताकि उनका सकारात्मक प्रभाव पूरे वर्ष बना रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बच्चों के डर को दूर करने या उन्हें बुरे सपनों से बचाने के लिए घर में अधजली लकड़ी रखने का प्रचलन है।

मुख्य द्वार पर राख रखने के लाभ

पंडित उमाशंकर वशिष्ठ बताते हैं कि यदि रावण दहन के बाद की राख को एक लाल या काले कपड़े में अच्छी तरह बांध लिया जाए और उसे घर के मुख्य प्रवेश द्वार की चौखट के अंदर की तरफ टांग दिया जाए, तो यह घर के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। ऐसी मान्यता है कि इस उपाय से ऊपरी हवा, नजर दोष और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव घर में प्रवेश नहीं कर पाता है। इससे घर के भीतर सुख, शांति और सकारात्मकता का वास बना रहता है।

धन वृद्धि और तिजोरी का उपाय

केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि के लिए भी रावण की राख का प्रयोग किया जाता है। तिजोरी में इस राख को रखने की एक पुरानी परंपरा है। माना जाता है कि इस राख को विधिवत तरीके से तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने से घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और धन में बरकत बनी रहती है। लोग इसे अपनी समृद्धि से जोड़कर देखते हैं और पूरे वर्ष के लिए धन के आवक में वृद्धि की कामना करते हैं। इस तरह, रावण दहन की राख न केवल बुराइयों के अंत का प्रतीक है, बल्कि घर की रक्षा और खुशहाली का एक माध्यम भी मानी जाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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