छत्तीसगढ़: बच्चा चोरी के शक में 5 महिलाओं की बेरहमी से पिटाई, वायरल वीडियो देख कांप उठे लोग छत्तीसगढ़ एक घंटा पहले 4
दुर्ग जिले के एक गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भीड़ ने पांच महिलाओं को बुरी तरह पीटा। पुलिस ने साफ किया है कि महिलाएं केवल भिक्षा मांगने आई थीं और बच्चा चोरी जैसी कोई घटना नहीं हुई है।

भिलाई में भीड़ का तांडव

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां नंदौरी गांव में बच्चा चोरी के संदेह में भीड़ ने 5 महिलाओं के साथ बर्बरता की हदें पार कर दीं। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों का आक्रोश और कानून को हाथ में लेने की तस्वीर साफ देखी जा सकती है। वीडियो में भीड़ में मौजूद कुछ लोग महिलाओं के बाल पकड़कर खींचते हुए और उन्हें लात-घूंसों व लाठी-डंडों से बेरहमी से मारते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप का माहौल है।

क्या था विवाद का कारण

यह मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र के नंदौरी गांव का है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये 5 महिलाएं एक ऑटो में सवार होकर गांव पहुंची थीं। ग्रामीणों का दावा है कि ये महिलाएं गांव के घरों में जाकर पैसे मांग रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद बच्चों के रोने और महिलाओं के संदिग्ध व्यवहार को लेकर ग्रामीणों के मन में बच्चा चोरी का शक पैदा हो गया। यह संदेह देखते ही देखते विवाद में बदल गया और ग्रामीणों ने महिलाओं को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इन महिलाओं के साथ आए 2 पुरुष मौका पाकर वहां से फरार हो गए, जिसके बाद ग्रामीणों ने महिलाओं पर अपना गुस्सा निकाला।

पुलिस की स्पष्टीकरण

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। दुर्ग के एडिशनल एसपी शोभराज अग्रवाल ने इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए बच्चा चोरी की अफवाह को पूरी तरह से नकार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि महिलाएं केवल घर-घर जाकर भिक्षा मांग रही थीं, इसी बात को लेकर ग्रामीणों से उनकी बहस हुई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस का कहना है कि पीड़ित महिलाएं दुर्ग के ही जेवरा-सिरसा इलाके की रहने वाली हैं। फिलहाल पुलिस शिकायत दर्ज करने और महिलाओं के गांव आने के वास्तविक उद्देश्य व उनकी पहचान का सत्यापन करने में जुटी है। कानून को हाथ में लेने वाले लोगों के खिलाफ तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

झारखंड का पुराना मामला

भीड़ के इस तरह के हिंसक व्यवहार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले झारखंड के बोकारो से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। वहां के बंशीडीह गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते 5 साधुओं को भीड़ ने निशाना बनाया था। उस समय साधुओं की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की गई थी और उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। स्थानीय लोगों को शक तब हुआ था जब उन्होंने साधुओं की गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट के नीचे दूसरी प्लेट देखी थी। जबकि साधु केवल बच्चों से बातचीत कर रहे थे। दोनों ही घटनाएं यह दर्शाती हैं कि किस तरह बिना पुष्टि किए फैलाई गई अफवाहें समाज में अराजकता और हिंसा को जन्म दे रही हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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