वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह क्यों नहीं? मुजफ्फरपुर के क्रिकेट विशेषज्ञों ने बताई टीम संयोजन की असलियत क्रिकेट 4 घंटे पहले 3
भारत और वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को अब तक मौका नहीं मिलने पर मुजफ्फरपुर के क्रिकेट जगत ने अपनी राय रखी है। कोच और खिलाड़ियों का मानना है कि प्रतिभा के साथ-साथ टीम का संतुलन और वरिष्ठ खिलाड़ियों का अनुभव भी चयन में बड़ी भूमिका निभाता है।

मैदान से बाहर वैभव सूर्यवंशी, आखिर क्या है कारण?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज इन दिनों क्रिकेट प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा में है। इस सीरीज में बिहार के मुजफ्फरपुर से ताल्लुक रखने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का नाम भी शामिल है, लेकिन अब तक उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिला है। आईपीएल के मंच पर अपनी बल्लेबाजी से दिग्गजों को चौंकाने वाले वैभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का इंतजार है। इस मसले को लेकर मुजफ्फरपुर के खेल प्रेमियों, क्रिकेटरों और प्रशिक्षकों के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है। स्थिति को करीब से समझने के लिए आरडीएस कॉलेज के क्रिकेट मैदान का रुख किया गया, जहां बबलू इलेवन क्रिकेट एकेडमी के सदस्यों ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए।

वरिष्ठ खिलाड़ियों का दबदबा और टीम की जरूरत

क्रिकेटर मानस राज और आयुष आनंद का मानना है कि भारतीय टीम का मौजूदा स्क्वॉड काफी संतुलित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन के लिए केवल लोकप्रियता के आधार पर बदलाव करना संभव नहीं होता है। आयुष आनंद ने कहा कि भारतीय टीम में कई ऐसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं जो लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, युवाओं को मौका देना जरूरी है, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम की रीढ़ की हड्डी होती है। मानस राज ने तर्क दिया कि टीम के संयोजन और पिच की स्थितियों के अनुसार अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। वैभव के पास करियर के अभी बहुत साल बाकी हैं, इसलिए उन्हें धैर्य बनाए रखने की जरूरत है ताकि सही समय आने पर वह अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें।

कोच का नजरिया: प्रतिभा है, बस सही अवसर की दरकार

बबलू इलेवन क्रिकेट एकेडमी के कोच अविनाश कोर ने वैभव की क्षमता पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि वैभव के भीतर बेहतरीन बल्लेबाजी कौशल है और उन्होंने आईपीएल में इसका प्रदर्शन भी किया है। हालांकि, कोच का मानना है कि भारतीय टीम का स्क्वॉड वर्तमान में बहुत मजबूत है। अविनाश कोर के मुताबिक, टीम संयोजन ही वह मुख्य कारक है जो कभी-कभी प्रतिभाशाली युवाओं को प्लेइंग इलेवन से दूर रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैभव का अभ्यास और उनकी वर्तमान लय बहुत शानदार है, लेकिन टीम प्रबंधन को कई पहलुओं को ध्यान में रखकर निर्णय लेने होते हैं। कोच को पूरा विश्वास है कि आने वाले मुकाबलों में टीम प्रबंधन वैभव को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका जरूर देगा।

सिर्फ खेलना ही नहीं, टीम का हिस्सा बनना भी है अनुभव

खेल प्रेमी राजेश मिश्रा ने एक अलग पहलू पर रोशनी डाली। उनका मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सीधे मैदान पर उतरना ही सब कुछ नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ समय बिताना, बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना और उनके अनुभव को करीब से देखना भी खिलाड़ी के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। राजेश ने कहा कि वैभव अभी बहुत युवा हैं और उनके करियर की शुरुआत है। ऐसे में उन्हें इस बात की चिंता करने के बजाय कि उन्हें मौका क्यों नहीं मिल रहा, टीम प्रबंधन के साथ बिताए गए समय से सीखने पर ध्यान देना चाहिए। यह अनुभव उन्हें एक बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद करेगा।

लोकप्रियता बनाम टीम चयन की सच्चाई

कुछ हलकों में यह सवाल भी उठ रहे थे कि क्या वैभव की बढ़ती लोकप्रियता का उनके चयन पर कोई असर पड़ रहा है। हालांकि, मुजफ्फरपुर के खेल जानकारों ने इसे खारिज कर दिया है। कोच और खिलाड़ियों का सामूहिक मत यही है कि क्रिकेट में टीम का चयन किसी खिलाड़ी की सोशल मीडिया लोकप्रियता से तय नहीं होता, बल्कि उसका आधार प्रदर्शन, टीम की तकनीकी जरूरतें और खिलाड़ियों का आपसी सामंजस्य होता है। फिलहाल, पूरा मुजफ्फरपुर इस बात का इंतजार कर रहा है कि कब भारतीय टीम प्रबंधन वैभव सूर्यवंशी पर भरोसा जताता है और कब वे मैदान पर अपना बल्ला लहराते हुए नजर आएंगे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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