राष्ट्रीय राजनीति
3 घंटे पहले
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रूस में फंसी एक भारतीय की जान
रायपुर के रहने वाले 38 वर्षीय टिकेश्वर साहू वर्तमान में रूस में गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। टिकेश्वर के परिजनों का कहना है कि वे बीते सितंबर महीने में बेहतर भविष्य और अच्छी कमाई की उम्मीद में रूस गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद से ही उनका संपर्क कठिन हो गया है।
टेलीग्राम के जरिए नौकरी का जाल
परिवार ने बताया कि टिकेश्वर को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से डिलीवरी बॉय की नौकरी का एक आकर्षक ऑफर मिला था। इस ऑफर के झांसे में आकर वे रूस पहुंच गए। परिवार का यह आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई और उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाकर हिरासत में ले लिया गया है।
सेना में भर्ती होने का दबाव
परिजनों के अनुसार, टिकेश्वर को इस वक्त रूसी सेना में शामिल होने के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव दिया जा रहा है। परिवार काफी डरा हुआ है और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इसके अलावा, टिकेश्वर की तबीयत भी खराब बताई जा रही है। उन्हें थायरॉइड की समस्या है और परिवार का कहना है कि वहां उन्हें अपनी नियमित दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
प्रशासन से मदद की गुहार
टिकेश्वर की पत्नी मनोरमा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और रायपुर पुलिस कमिश्नर से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार ने सरकार से अपील की है कि वे राजनयिक स्तर पर प्रयास कर टिकेश्वर को सुरक्षित वापस भारत लाने में मदद करें ताकि वे अपने परिजनों के पास सकुशल लौट सकें।
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