राष्ट्रीय राजनीति
3 घंटे पहले
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दिल्ली दंगों पर अदालत का बड़ा फैसला
साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामलों में अदालत ने दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। शनिवार को आए फैसलों में एक तरफ पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया गया, तो दूसरी तरफ छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम को जमानत शर्तों के उल्लंघन के लिए कड़ी फटकार झेलनी पड़ी। इस कार्यवाही में 12 अन्य आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया गया है।
ताहिर हुसैन दोषी, 12 लोग बरी
दयालपुर क्षेत्र से संबंधित दंगा मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को अदालत ने दोषी पाया है। ताहिर हुसैन पर दंगा करने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के गंभीर आरोप थे, जिन्हें अदालत ने सिद्ध माना है। इसी मामले में आरोपी बनाए गए अन्य 12 लोगों के लिए अदालत ने राहत भरी खबर दी और उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
शरजील इमाम को जमानत शर्तों पर चेतावनी
उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में नामजद शरजील इमाम की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इमाम ने अपनी अंतरिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्होंने मीडिया के साथ संवाद करके तय नियमों को तोड़ा, जो प्रथम दृष्टया गलत पाया गया है। हालांकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी जमानत रद्द करने के लिए दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया।
क्यों बची शरजील इमाम की जमानत
अदालत ने इमाम की जमानत रद्द नहीं करने के पीछे एक तार्किक कारण दिया है। न्यायाधीश ने इस तथ्य को संज्ञान में लिया कि शरजील इमाम अपनी अंतरिम जमानत की मियाद पूरी होने के बाद कानूनी तौर पर आत्मसमर्पण करने के लिए वापस आ रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने उन्हें सख्त हिदायत देते हुए जमानत रद्द करने से इनकार किया, लेकिन भविष्य के लिए कड़ा संदेश दिया है।
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