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एक घंटा पहले
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सुल्तानपुरी से हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की आउटर डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हिमांशु भाऊ गैंग के एक सक्रिय गुर्गे को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सुल्तानपुरी क्षेत्र में की गई, जहां आरोपी किसी संदिग्ध वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए युवक की पहचान 24 साल के यशपाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना स्थित सिरस्का गांव का निवासी है।
पुलिस को कैसे मिली कामयाबी
घटनाक्रम के अनुसार, 24 अक्टूबर को स्पेशल स्टाफ की टीम सुल्तानपुरी के इलाकों में गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान गुप्त सूत्रों से पुलिस को जानकारी मिली कि कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़ा एक हथियारबंद बदमाश सुल्तानपुरी के ए-ब्लॉक स्थित फूल पार्क में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही संदिग्ध युवक ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने उसका पीछा किया और दबोच लिया।
बैग से बरामद चीजों ने बढ़ाई टेंशन
पुलिस ने जब युवक के पास मौजूद बैग की तलाशी ली, तो उसमें से एक पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इन हथियारों की बरामदगी ने पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। हथियारों की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत थी कि आरोपी किसी बड़ी साजिश के तहत वहां आया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यशपाल वहां किसी वारदात को अंजाम देने पहुंचा था या फिर किसी और को हथियार सौंपने की योजना थी।
गैंग के नेटवर्क की तलाश
फिलहाल, सुल्तानपुरी थाने में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हिरासत में यशपाल से कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर ये हथियार कहां से लाए गए थे और गैंग के भीतर इस युवक की भूमिका क्या है। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो इस अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं।
जांच का दायरा
इस मामले में पुलिस अब गैंग के पूरे ऑपरेशनल नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि यशपाल से मिलने वाली जानकारी दिल्ली और हरियाणा के बीच फैले हथियारों के तस्करों के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में मदद कर सकती है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसे ये हथियार किस निर्देश पर मिले थे और उसका अगला टारगेट कौन था। पुलिस की प्राथमिकता अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब करने की है ताकि किसी भी आगामी बड़ी घटना को समय रहते रोका जा सके।
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